सतीश शर्मा
रायपुर, 08 जुलाई 2026

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब, कोल लेवी और कस्टम मिलिंग घोटालों में बड़ी कार्रवाई करते हुए आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल को हिरासत में ले लिया है। रामगोपाल अग्रवाल पिछले करीब तीन वर्षों से जांच एजेंसियों की गिरफ्त से बाहर थे। ईडी (ED) और EOW दोनों एजेंसियां लंबे समय से उनकी तलाश कर रही थीं। जांच एजेंसी अब उनसे तीनों मामलों में विस्तृत पूछताछ करेगी।
रामगोपाल अग्रवाल कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष और राज्य नागरिक आपूर्ति निगम (नान) के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। जानकारी के अनुसार, कस्टम मिलिंग घोटाले की जांच के सिलसिले में उन्हें समन जारी किया गया था। मंगलवार को EOW ने उनके बेटे वैभव अग्रवाल से कई घंटों तक पूछताछ की। इसके बाद बुधवार को रामगोपाल अग्रवाल स्वयं EOW कार्यालय पहुंचे, जहां अधिकारियों ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।
कस्टम मिलिंग घोटाला क्या है?
EOW के अनुसार, वर्ष 2015 से 2023 के बीच धान की कस्टम मिलिंग के लिए राइस मिलर्स को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि में कथित अनियमितताएं की गईं। आरोप है कि नियमों का उल्लंघन कर कुछ चुनिंदा राइस मिलर्स को अनुचित लाभ पहुंचाया गया, जिससे सरकार को करीब 127 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इस मामले में कई अधिकारियों, राइस मिलर्स और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। हालांकि इन आरोपों की न्यायिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और मामला जांच के अधीन है।
कोल लेवी घोटले में क्या हैं आरोप?
जांच एजेंसियों के मुताबिक, वर्ष 2020 से 2022 के बीच कोयला परिवहन और खनन कारोबार से जुड़े लोगों से प्रति टन के हिसाब से कथित अवैध वसूली की गई। ED और EOW का दावा है कि इस नेटवर्क के जरिए करीब 540 करोड़ रुपये की अवैध लेवी वसूली गई। मामले में कई आईएएस अधिकारी, कारोबारी, बिचौलिए और राजनीतिक रूप से जुड़े लोगों के नाम सामने आए हैं। हालांकि सभी आरोपों की न्यायिक पुष्टि अभी बाकी है।
शराब घोटाले में भी आरोपी
छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले में जांच एजेंसियों का आरोप है कि 2019 से 2022 के बीच सरकारी शराब बिक्री व्यवस्था में कथित सिंडिकेट बनाकर अवैध शराब की बिक्री, कमीशनखोरी और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया गया। ED और EOW का दावा है कि इस कथित नेटवर्क के जरिए करीब 3,200 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ। इस मामले में कई आईएएस अधिकारियों, आबकारी विभाग के अधिकारियों, कारोबारियों और राजनीतिक रूप से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच जारी है। आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत में सुनवाई के बाद ही होगा।
EOW अब रामगोपाल अग्रवाल से तीनों मामलों में पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसी के अगले कदम और संभावित गिरफ्तारी या रिमांड को लेकर सभी की नजरें आगामी कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।




