जांजगीर-चांपा, 10 जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में 23 जून को चर्चा में आई शादी ने अब नया मोड़ ले लिया है। जिस दुल्हन मुस्कान ने शादी के मंडप में दूल्हे संत कुमार को कथित रूप से नशे में देखकर विवाह से इनकार कर दिया था, उसी ने 16 दिन बाद मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से संत कुमार के साथ सात फेरे लेकर शादी कर ली।

गुरुवार को मुस्कान परिवार परामर्श केंद्र में अपनी ड्यूटी पर पहुंची थी। दोपहर बाद वह वहां से सीधे संत कुमार के गांव खोखरा पहुंची, जहां मनका दाई मंदिर में दोनों ने परिवार के कुछ सदस्यों की मौजूदगी में विवाह कर लिया।
बताया जा रहा है कि शादी टूटने के बाद भी दोनों लगातार फोन पर संपर्क में थे। बातचीत के दौरान दोनों के बीच की गलतफहमियां दूर हुईं और साथ जीवन बिताने का फैसला किया।
दूल्हे संत कुमार ने दावा किया कि वह शराब नहीं पीता और शादी वाले दिन किसी ने उसकी कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिला दिया था, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई और लोगों को लगा कि वह नशे में है। वहीं, मुस्कान ने कहा कि अब दोनों के बीच सभी गलतफहमियां खत्म हो चुकी हैं और उन्होंने अपनी इच्छा से शादी की है।
इधर, मुस्कान के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि वह संत कुमार के घर पर है। पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां मुस्कान ने अपनी मर्जी से संत कुमार के साथ रहने और शादी करने की बात कही।
गौरतलब है कि 23 जून को कोसमंदा गांव में बारात पहुंचने के बाद दुल्हन ने दूल्हे को कथित रूप से नशे में देखकर शादी से इनकार कर दिया था। उस घटना के बाद मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना था। बाद में एसपी विजय पांडेय ने मुस्कान की सराहना करते हुए उसे परिवार परामर्श केंद्र का सदस्य भी बनाया था। अब 16 दिन बाद उसी जोड़े ने मंदिर में विवाह कर अपनी नई जिंदगी की शुरुआत कर दी।




