14 Jul 2026, Tue
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वेदांता हादसा का मुद्दा उठा सदन में : कांग्रेस ने की MD अनिल अग्रवाल की गिरफ्तारी की मांग, चरणदास बोले : “25 की मौत हो गई, FIR दर्ज हो गई, अनिल अग्रवाल की गिरफ्तारी के लिए क्या किया?” मंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेसी विधायकों का बहिर्गमन

रायपुर, 14 जुलाई 2026

छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में सक्ती जिले के सिंधी तराई स्थित वेदांता प्लांट में हुए भीषण हादसे की गूंज पूरे सदन में सुनाई दी। हादसे में 25 लोगों की मौत का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस ने सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और विधायक रामकुमार यादव ने सरकार से तीखे सवाल पूछे। वहीं मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि मामले की विवेचना जारी है और दोषी किसी भी कीमत पर बख्शे नहीं जाएंगे।

नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सरकार पर सवालों की बौछार करते हुए पूछा कि जब एफआईआर में वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल का नाम दर्ज है, तो सरकार उनका नाम छिपाने की कोशिश क्यों कर रही है? उन्होंने कहा कि हादसे में 25 लोगों की जान चली गई, एफआईआर में 18 लोगों को आरोपी बनाया गया, लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? क्या अनिल अग्रवाल को गिरफ्तार करने के लिए कोई समन जारी किया गया? उन्हें पकड़ने के लिए सरकार ने अब तक क्या कार्रवाई की? कहीं विवेचना में लेन-देन तो नहीं हुआ?

 

 

चंद्रपुर से कांग्रेस विधायक रामकुमार यादव ने भी सरकार को घेरते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा घोषित आर्थिक सहायता अब तक कई पीड़ित परिवारों तक नहीं पहुंची है। उन्होंने पूछा कि जब अपराध दर्ज हो चुका है तो आरोपियों की गिरफ्तारी में देरी क्यों हो रही है?

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि अब तक राज्य में फैक्ट्री हादसों के कितने मामलों में कंपनियों के मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है? क्या केवल वेदांता के मामले में ही अनिल अग्रवाल का नाम शामिल किया गया? उन्होंने कोरबा के पूर्व हादसे का हवाला देते हुए कहा कि उस समय अनिल अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर नहीं हुई थी। आखिर इस बार ऐसा क्या बदला? क्या सरकार किसी रणनीति के तहत दबाव बनाने या किसी अन्य उद्देश्य से यह कार्रवाई कर रही है?

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सरकार की ओर से जवाब देते हुए उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि मामले की जांच अभी जारी है। 18 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और जांच के लिए समिति गठित की गई है। उन्होंने बताया कि कंपनी की ओर से मृतकों के परिजनों को 35-35 लाख रुपये की सहायता राशि दी जा चुकी है। प्रधानमंत्री की घोषणा के अनुरूप 2-2 लाख रुपये की सहायता भी वितरित की जा चुकी है, जबकि मुख्यमंत्री द्वारा घोषित सहायता राशि का वितरण भी लगातार किया जा रहा है।

मंत्री देवांगन ने स्पष्ट कहा कि विवेचना पूरी होने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

हालांकि मंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने सरकार पर मामले को दबाने का आरोप लगाते हुए सदन से बहिर्गमन कर दिया। वेदांता हादसे को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक ने सदन का माहौल पूरी तरह गर्मा दिया।

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