सतीश शर्मा
रायपुर, 15 जुलाई 2026

छत्तीसगढ़ विधानसभा में बुधवार को बाघों के शिकार (टाइगर पोचिंग) को लेकर जोरदार हंगामा हुआ। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने राज्य सरकार पर संगठित टाइगर पोचिंग सिंडिकेट को रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया। वहीं वन मंत्री केदार कश्यप ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि किसी भी आरोपी को राजनीतिक संरक्षण नहीं दिया जा रहा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए मुद्दा उठाते हुए महंत ने आरोप लगाया कि बाघों के शिकार के पीछे एक राजनीतिक सिंडिकेट सक्रिय है। उन्होंने सवाल उठाया कि मामले में गिरफ्तार महाराष्ट्र पुलिस के कर्मचारियों की पहचान शुरुआत में सार्वजनिक क्यों नहीं की गई। साथ ही दावा किया कि इंद्रावती टाइगर रिजर्व में शिकार की घटना के दौरान करीब दो घंटे तक निगरानी कैमरे बंद रहे।
महंत ने कहा कि 13 मई 2026 को वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) ने संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने के निर्देश जारी किए थे, लेकिन वन विभाग ने उस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की। उन्होंने हाल ही में बरामद दो बाघों की खाल का हवाला देते हुए दावा किया कि एक खाल करीब ढाई साल और दूसरी करीब डेढ़ साल उम्र के बाघ की है।
आरोपों का जवाब देते हुए वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि किसी को बचाने की कोशिश नहीं की गई है और राजनीतिक सिंडिकेट जैसी कोई बात नहीं है। उन्होंने बताया कि इंद्रावती टाइगर रिजर्व में लगाए गए सभी 126 निगरानी कैमरे पूरी तरह चालू थे और लगातार बाघों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी।
मंत्री ने सदन को बताया कि 29 जून की रात 11:20 बजे कांकेर जिले के बांदे-पखांजूर मार्ग पर एंटी-पोचिंग टीम ने दो संदिग्धों को पकड़ा। उनके कब्जे से दो बाघों की खाल, 13 मूंछें और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बियेश्वर गेडाम, जो महाराष्ट्र के गढ़चिरौली स्पेशल ब्रांच इंटेलिजेंस सेल में कांस्टेबल था, और बाबूराव मडावी, जो गढ़चिरौली पुलिस का गोपनीय मुखबिर था, के रूप में हुई। दोनों को 30 जून को भानुप्रतापपुर न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। गिरफ्तारी के बाद गढ़चिरौली पुलिस अधीक्षक ने गेडाम को निलंबित कर दिया, जबकि मडावी की सेवाएं समाप्त कर दी गईं।
कश्यप ने बताया कि बाद में छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर स्थित नेटीवाड़ा गांव में आरोपियों के घरों की तलाशी के दौरान फंदे, चाकू, 12 बाघों के पंजे, चार कैनाइन दांत और एक तीसरी छिपाई गई बाघ की खाल बरामद हुई। इसके बाद सात अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर 6 जुलाई को बीजापुर न्यायालय में पेश किया गया।
मंत्री ने यह भी बताया कि लापरवाही और कर्तव्य में कोताही के आरोप में रेंज अधिकारी कमल सिंह कश्यप, डिप्टी रेंजर नरहरी सिंह बघेल और वन रक्षक विश्वनाथ मांझी को निलंबित कर दिया गया है।
कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी के सवाल पर मंत्री ने बताया कि 2022 की टाइगर गणना के अनुसार इंद्रावती टाइगर रिजर्व में पांच बाघ मौजूद हैं। इस रिजर्व का वार्षिक बजट 10 करोड़ रुपये है।
विपक्ष के इस आरोप का जवाब देते हुए कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में सात से आठ बाघों का शिकार हुआ, केदार कश्यप ने कहा कि 2024 से 2026 के बीच पांच मामलों में छह बाघों की खाल बरामद हुई और 41 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि हालिया बरामदगी के नमूनों को भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून भेजा गया है, जहां डीएनए जांच के जरिए बाघों की उम्र और उनके भौगोलिक स्रोत का पता लगाया जाएगा।





