बिलासपुर, 15 जुलाई 2026
रुद्रप्रताप शर्मा की दर्दनाक मौत ने बिलासपुर को एक बार फिर झकझोर दिया। न्याय की मांग को लेकर रविवार को टीम मानवता के बैनर तले निकली विशाल श्रद्धांजलि रैली जनआक्रोश में बदल गई। स्कूली बच्चों, युवाओं, महिलाओं, सामाजिक संगठनों और शहरवासियों ने एकजुट होकर दिवंगत रुद्रप्रताप को श्रद्धांजलि अर्पित की और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई।
रैली में गूंजते “रुद्रप्रताप को इंसाफ दो” और “लापरवाही नहीं चलेगी” जैसे नारों ने पूरे शहर का ध्यान अपनी ओर खींचा। लोगों का कहना था कि एक मां का इकलौता बेटा नाबालिगों की लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैये की भेंट चढ़ गया। यह केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है।


वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश में नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है, लेकिन इसके बावजूद अभिभावक बच्चों को बेधड़क कार और दोपहिया वाहन सौंप रहे हैं। जब हादसा होता है तो सबसे बड़ी कीमत किसी निर्दोष परिवार को अपनी जान देकर चुकानी पड़ती है।
टीम मानवता ने प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि केवल वाहन चला रहे नाबालिग ही नहीं, बल्कि उन्हें वाहन उपलब्ध कराने वाले अभिभावकों की जवाबदेही भी तय की जानी चाहिए। उनका कहना था कि जब तक जिम्मेदारी तय नहीं होगी, तब तक ऐसे हादसों पर अंकुश लगाना मुश्किल होगा।

रैली के समापन पर उपस्थित लोगों ने समाज से आत्ममंथन का आह्वान करते हुए कहा कि यह सिर्फ कानून का नहीं, बल्कि संस्कार, जिम्मेदारी और नागरिक चेतना का भी सवाल है। बच्चों को वाहन सौंपने से पहले अभिभावकों को अपने दायित्व को समझना होगा, क्योंकि एक छोटी-सी लापरवाही किसी परिवार की पूरी दुनिया उजाड़ सकती है।
रैली में टीम मानवता के संस्थापक राजीव चौबे, अभिषेक ठाकुर, अभिषेक शर्मा, अरुणिमा शर्मा, कुमार जी, गोविंद, विनय चौबे सहित बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे और शहरवासी शामिल हुए।





