सतीश शर्मा
रायपुर, 15 जुलाई 2026

वन मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस नेता अटल श्रीवास्तव द्वारा कुख्यात नक्सली हिड़मा को “रोल मॉडल” बताए जाने वाले बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह केवल एक गैर-जिम्मेदाराना बयान नहीं, बल्कि झीरम घाटी में शहीद हुए कांग्रेस के अपने नेताओं, कार्यकर्ताओं, सुरक्षा बलों के जवानों और सभी शहीदों के बलिदान का खुला अपमान है।
मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि जिस हिड़मा का नाम वर्षों से बस्तर में नक्सली हिंसा, निर्दोष आदिवासियों की हत्या, सुरक्षा बलों पर कायराना हमलों और विकास कार्यों को बाधित करने जैसी घटनाओं से जुड़ा रहा है, आज उसी व्यक्ति को कांग्रेस का नेता “रोल मॉडल” बता रहा है। इससे कांग्रेस की नक्सलवाद के प्रति सोच और उसका दोहरा चरित्र उजागर हो गया है।
उन्होंने कहा कि 25 मई 2013 के झीरम घाटी नरसंहार को देश कभी नहीं भूल सकता। इस नृशंस हमले में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, महेंद्र कर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, उदय मुदलियार सहित कांग्रेस के अनेक नेताओं, कार्यकर्ताओं और सुरक्षा बल के जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दी। वर्षों तक कांग्रेस इस घटना पर राजनीति करती रही और न्याय की मांग करती रही, लेकिन आज उसी घटना से जुड़े सबसे कुख्यात नक्सली का महिमामंडन करना कांग्रेस की अवसरवादी राजनीति का सबसे बड़ा प्रमाण है।
मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि हिड़मा का नाम केवल झीरम कांड तक सीमित नहीं है। सुकमा, बीजापुर और दंतेवाड़ा सहित बस्तर के अनेक बड़े नक्सली हमलों में उसका नाम सामने आया। उसके नेतृत्व में नक्सलियों ने सुरक्षा बलों पर घातक हमले किए, निर्दोष आदिवासियों की हत्याएं कीं, आईईडी विस्फोट किए तथा सड़क, पुल, स्कूल, मोबाइल टावर और विकास कार्यों को निशाना बनाकर बस्तर को दशकों तक पिछड़ेपन और भय में धकेलने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रहा है। ऐसे समय में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता द्वारा हिड़मा जैसे खूंखार नक्सली को “रोल मॉडल” बताना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान को कमजोर करने वाला संदेश भी देता है।
मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि कांग्रेस को प्रदेश की जनता और झीरम के सभी शहीदों के परिजनों से तत्काल माफी मांगनी चाहिए। साथ ही कांग्रेस नेतृत्व यह स्पष्ट करे कि क्या हिड़मा वास्तव में उसकी विचारधारा का आदर्श बन चुका है, या फिर अटल श्रीवास्तव के बयान से पार्टी स्वयं को अलग मानती है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता शहीदों का सम्मान करना जानती है और नक्सल हिंसा का महिमामंडन करने वालों को कभी स्वीकार नहीं करेगी। साय सरकार का संकल्प स्पष्ट है—नक्सलवाद का समूल उन्मूलन होगा, बस्तर में शांति और विकास की यात्रा निरंतर आगे बढ़ेगी तथा हर शहीद के बलिदान का सम्मान सदैव सर्वोपरि रहेगा।





