रायपुर, 17 जुलाई 2026
सड़क हादसों में हर दिन उजड़ते परिवारों के बीच राजधानी रायपुर से एक सकारात्मक पहल सामने आई। सड़क सुरक्षा को जनआंदोलन बनाने के उद्देश्य से उर्मिला फाउंडेशन ने भाठागांव स्थित उर्मिला हॉस्पिटल परिसर में यातायात जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया, जहां सैकड़ों युवक-युवतियों को निशुल्क हेलमेट वितरित कर सुरक्षित यातायात का संकल्प दिलाया गया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एएसपी सीमा अहिरवार ने दो टूक शब्दों में कहा कि “हेलमेट आदत बनाइए और सीट बेल्ट को संस्कृति।” उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में सबसे ज्यादा जानें सिर में गंभीर चोट लगने से जाती हैं और इसकी सबसे बड़ी वजह हेलमेट नहीं पहनना है। यदि हर व्यक्ति केवल 15 सेकंड निकालकर हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल करे, तो अनगिनत जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।
उन्होंने लोगों से ट्रैफिक सिग्नल, गति सीमा और अन्य यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करने की अपील करते हुए कहा कि सुरक्षा कोई विकल्प नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम में ट्रैफिक टीआई परस पटेल ने भी सड़क हादसों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि शराब पीकर वाहन चलाना और यातायात नियमों की अनदेखी दुर्घटनाओं की सबसे बड़ी वजह बन रही है। कमिश्नरेट व्यवस्था लागू होने के बाद राजधानी में लगातार विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सके।
एएसपी सीमा अहिरवार ने उर्मिला फाउंडेशन की इस पहल की सराहना करते हुए संस्था की डायरेक्टर नम्रता सिंह और अध्यक्ष डॉ. विनोद सिंह की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यदि सामाजिक संगठन इसी तरह आगे आएं, तो सड़क सुरक्षा को लेकर बड़ा जनजागरण खड़ा किया जा सकता है।

महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी एएसपी ने अहम अपील की। उन्होंने बताया कि राजधानी में करीब 20 हजार ई-रिक्शा संचालित हैं, जिनमें 15,047 पंजीकृत हैं। महिलाओं को केवल पंजीकृत ई-रिक्शा में ही सफर करने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि बिना पंजीयन वाले ई-रिक्शा चालकों के खिलाफ पुलिस लगातार जांच और कार्रवाई कर रही है।
यातायात जाम की समस्या से निपटने के लिए एएसपी सीमा अहिरवार ने नागरिकों को विशेष हेल्पलाइन 9479210632 की जानकारी देते हुए कहा कि शहर में कहीं भी जाम लगने की सूचना इस नंबर पर दी जा सकती है। सूचना मिलते ही कमिश्नरेट की विशेष टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर यातायात व्यवस्था सुचारु करेगी।
कार्यक्रम के अंत में उर्मिला फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. विनोद सिंह ने सभी अतिथियों और अधिकारियों का आभार व्यक्त किया, जबकि कार्यक्रम का संचालन दीप ने किया ।
संदेश साफ है—हेलमेट और सीट बेल्ट केवल नियम नहीं, जिंदगी की सबसे मजबूत सुरक्षा कवच हैं। 15 सेकंड की सावधानी, पूरी जिंदगी की सुरक्षा बन सकती है।





