सतीश शर्मा
रायपुर, 18 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विधानसभा में विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि यह प्रस्ताव सरकार के विरुद्ध नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता के विश्वास के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में जनता ने भारतीय जनता पार्टी को 54 सीटों का स्पष्ट जनादेश दिया, लोकसभा चुनाव में 11 में से 10 सीटों पर विजय दिलाई और प्रदेश के अधिकांश नगरीय निकायों में भी भाजपा के पक्ष में जनादेश दिया। ऐसे में विपक्ष का यह अविश्वास प्रस्ताव जनता के निर्णय का ही अपमान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष यह बताए कि उसका अविश्वास आखिर किस पर है—क्या उन लगभग 25 लाख किसानों पर, जिन्हें भाजपा सरकार ने 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी का लाभ दिया? क्या उन 70 लाख से अधिक माताओं-बहनों पर, जिन्हें महतारी वंदन योजना के माध्यम से हर माह 1,000 रुपये की सम्मान राशि मिल रही है? या उन करोड़ों प्रदेशवासियों पर, जिन्होंने विकास, सुशासन और विश्वास की राजनीति को अपना समर्थन दिया है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता का विश्वास पहले ही खो चुकी है। जनता ने पाँच वर्षों तक उनके शासन को परखा और सत्ता से बाहर कर दिया। आज वही कांग्रेस जनता द्वारा चुनी गई सरकार पर अविश्वास जताकर अपनी राजनीतिक हताशा और नैतिक पराजय का परिचय दे रही है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि उनकी सरकार का ढाई वर्षों का प्रत्येक दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारने के लिए समर्पित रहा है। सरकार ने चुनाव के दौरान किए गए अधिकांश प्रमुख वादों को पूरा किया है और विकास तथा सुशासन को प्राथमिकता देते हुए हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुँचाया है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही किसानों के हित में ऐतिहासिक निर्णय लिए। लगभग 25 लाख किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की गई तथा दो वर्षों के बकाया बोनस के रूप में 3,716 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। सिंचाई क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जहाँ पिछली सरकार के कार्यकाल में प्रतिवर्ष औसतन लगभग 9,600 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता बढ़ी, वहीं वर्तमान सरकार के कार्यकाल में यह बढ़कर लगभग 19,500 हेक्टेयर प्रतिवर्ष हो गई है। केवल दो वर्षों में 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक की सिंचाई परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
ग्रामीण विकास के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि मनरेगा के साथ-साथ वीबी-जी रामजी योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण को नई गति मिली है। अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण नागरिकों को बैंकिंग, प्रमाण पत्र, पेंशन सहित अनेक सेवाएँ गाँव में ही उपलब्ध हो रही हैं। हस्तशिल्प और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के लिए देश के प्रमुख हवाई अड्डों पर छत्तीसगढ़ के उत्पादों के शोरूम स्थापित किए जा रहे हैं।
महिला सशक्तिकरण को सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत अब तक 70 लाख महिलाओं को 18,800 करोड़ रुपये से अधिक की सम्मान राशि प्रदान की जा चुकी है। प्रदेश में 10 लाख 40 हजार से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी बनाया गया है। महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन को प्रोत्साहित करने के लिए रजिस्ट्री शुल्क में 50 प्रतिशत तथा स्टाम्प शुल्क में 1 प्रतिशत की छूट दी गई है, जिससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और स्वामित्व दोनों मजबूत हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की माताओं-बहनों का आशीर्वाद ही उनकी सरकार की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनता के भरोसे और सरकार के कार्यों के सामने विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव स्वतः निरर्थक सिद्ध होगा।
वित्तीय प्रबंधन पर कांग्रेस को घेरते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार ने राज्य की मजबूत अर्थव्यवस्था को कर्ज और वित्तीय अव्यवस्था की ओर धकेला। अनेक योजनाओं की घोषणा की गई, लेकिन उनके लिए बजट का प्रावधान तक नहीं किया गया। इसके विपरीत वर्तमान सरकार ने वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और प्रशासनिक सुधारों के माध्यम से राजस्व संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि की है।
उन्होंने बताया कि वाणिज्यिक कर, आबकारी, पंजीयन तथा खनिज राजस्व में ऐतिहासिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। भ्रष्टाचार पर रोक, डिजिटल सुधार और पारदर्शी व्यवस्था के कारण राज्य की आय बढ़ी है, जिसका उपयोग जनकल्याणकारी योजनाओं और अधोसंरचना विकास में किया जा रहा है। सरकार ने लंबित वित्तीय दायित्वों और राजकोषीय घाटे को भी नियंत्रित कर राज्य की वित्तीय साख को मजबूत किया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि भाजपा सरकार केवल घोषणाओं की राजनीति नहीं करती, बल्कि परिणाम देने में विश्वास रखती है। सेवा, सुशासन, पारदर्शिता और विकास ही सरकार की कार्यशैली है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश की जनता का आशीर्वाद और विश्वास ही सरकार की सबसे बड़ी पूंजी है तथा विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव उसी विश्वास के सामने टिक नहीं पाएगा।
आदिवासी विकास से नक्सलवाद के खात्मे तक, हर मोर्चे पर बदला छत्तीसगढ़ का भविष्य : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विधानसभा में कहा कि पिछली सरकार ने वर्षों तक आदिवासियों के नाम पर राजनीति की, लेकिन उन्हें बुनियादी सुविधाओं और विकास से वंचित रखा। उनकी सरकार ने जनजातीय अंचलों में विश्वास, विकास और सुरक्षा—तीनों को साथ लेकर काम किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों का पारिश्रमिक 4 हजार रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा किया गया। पूर्व में बंद की गई चरणपादुका योजना को पुनः प्रारंभ किया गया। वनाधिकार पत्रधारकों के नामांतरण जैसी वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान कर जनजातीय परिवारों को राहत दी गई। दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 की गई। हाल ही में 13 जनजातीय युवाओं ने UPSC प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया।
उन्होंने बताया कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से प्रदेश के 6,691 जनजातीय बहुल गांवों में विकास कार्यों को गति दी जा रही है। वहीं प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत 56,569 PVTG परिवारों तक आवास, सड़क, बिजली, पेयजल और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। नवा रायपुर में जनजातीय संग्रहालय तथा शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक एवं संग्रहालय विकसित किए गए हैं। देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी छत्तीसगढ़ को मिलना राज्य के लिए गौरव की बात है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि कानून व्यवस्था और नक्सलवाद के मोर्चे पर राज्य ने ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में दशकों पुरानी नक्सल समस्या निर्णायक रूप से कमजोर हुई है।
उन्होंने कहा कि रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू कर कानून व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाया गया है। साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए वर्तमान सरकार ने ढाई वर्षों में 9 साइबर थाने स्थापित किए हैं और 5 नए साइबर थानों की स्थापना की प्रक्रिया जारी है।
युवाओं के भविष्य को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस विभाग में लगभग 7,000 पदों पर भर्ती की गई है तथा 7,000 अतिरिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना एवं मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के माध्यम से 22 हजार से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है। मुख्यमंत्री एआई मिशन, NIT रायपुर और IIIT नवा रायपुर में AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति के माध्यम से प्रदेश में 1.74 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने का अनुमान है। वस्त्र उद्योग में 42 हजार से अधिक रोजगार उपलब्ध होंगे। राज्य का पहला गारमेंट उद्योग भी स्थापित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि AI नीति, AI-SEZ, AI डेटा सेंटर पार्क और सेमीकंडक्टर इकाई जैसी पहलें छत्तीसगढ़ को भविष्य की अर्थव्यवस्था में अग्रणी बनाएंगी।
ऊर्जा, खनिज, शिक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल अधोसंरचना में छत्तीसगढ़ ने रचा नया विकास अध्याय : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सरकार ने ऊर्जा, खनिज, शिक्षा, स्वास्थ्य, सूचना प्रौद्योगिकी और अधोसंरचना के क्षेत्रों में बीते ढाई वर्षों में अभूतपूर्व प्रगति की है।
उन्होंने बताया कि एनर्जी समिट के माध्यम से 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 76 हजार से अधिक घरों में सोलर संयंत्र लगाए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के माध्यम से 12 लाख से अधिक उपभोक्ताओं का 910 करोड़ रुपये से अधिक का सरचार्ज माफ किया गया है।
खनिज क्षेत्र में 2025-26 में 16,737 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड खनिज राजस्व प्राप्त हुआ। खनिज ऑनलाइन 2.0 और DMF पोर्टल 2.0 लागू किए गए। DMF के माध्यम से 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि से 82 हजार से अधिक विकास कार्य पूरे किए जा चुके हैं। ड्रोन, GPS और RFID आधारित निगरानी व्यवस्था लागू की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लीथियम सहित क्रिटिकल एवं स्ट्रेटजिक मिनरल्स के ब्लॉकों की नीलामी की गई है तथा महासमुंद में हीरे मिलने से नई संभावनाएं खुली हैं।
पर्यावरण संरक्षण के तहत “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान में 7 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। भारतीय वन अनुसंधान संस्थान की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में 683 वर्ग किलोमीटर वन एवं वृक्ष आवरण बढ़ा है।
डिजिटल अधोसंरचना के तहत 829 नए मोबाइल टावर स्थापित किए गए हैं। भारतनेट फेज-3.0 के अंतर्गत 5,659 ग्राम पंचायतों को हाई-स्पीड ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
शिक्षा के क्षेत्र में युक्तियुक्तकरण के माध्यम से शिक्षकविहीन विद्यालयों की समस्या का समाधान किया गया है। नवा रायपुर को एजुकेशन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। NIELIT, NIFT और राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय जैसी संस्थाएँ स्थापित की जा रही हैं। ओरछा और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में 91 प्रतिशत से अधिक नागरिकों को आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराया जा चुका है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 5 नए शासकीय मेडिकल कॉलेज प्रारंभ हो रहे हैं, जिससे मेडिकल कॉलेजों की संख्या 21 और MBBS सीटें लगभग 2,900 हो जाएंगी।
सहकारिता क्षेत्र में “सहकार से समृद्धि” के विज़न के अनुरूप पारदर्शी, जवाबदेह और किसान-केंद्रित व्यवस्था विकसित की जा रही है।
समापन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव तथ्यों, जनभावनाओं और प्रदेश के विकास की वास्तविक तस्वीर से पूरी तरह कटा हुआ है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का सबसे बड़ा आधार जनता का विश्वास है। यही विश्वास सरकार को सेवा, सुशासन, पारदर्शिता और विकास के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के संकल्प के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। जनता का विश्वास ही सरकार की सबसे बड़ी पूंजी है और इसी विश्वास के बल पर छत्तीसगढ़ विकास, सुशासन और जनकल्याण की नई ऊँचाइयों की ओर निरंतर अग्रसर रहेगा।





