24 Jul 2026, Fri

सहकारी सप्ताह का समापन: कनीराम बोले—सिर्फ संस्था नहीं, विकास का आंदोलन है सहकारिता; किसानों की समृद्धि के लिए सदस्य-केंद्रित मॉडल पर जोर

सतीश शर्मा

रायपुर, 22 जुलाई 2026

भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के सफल पांच वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित ‘सहकारी सप्ताह-2026’ का भव्य समापन जिला सहकारी केंद्रीय बैंक रायपुर परिसर में हुआ। समापन समारोह में छत्तीसगढ़ सहकार भारती के महामंत्री कनीराम ने कहा कि सहकारिता केवल एक व्यवस्था नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास का सशक्त आंदोलन है, जिसे जन-जन तक पहुंचाने में सहकारी संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाओं को पारदर्शिता, नवाचार और जनभागीदारी के साथ कार्य करते हुए किसानों, ग्रामीणों और आम नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास करना चाहिए। उनका कहना था कि ‘सहकार से समृद्धि’ के लक्ष्य को तभी हासिल किया जा सकता है, जब प्रत्येक सहकारी संस्था सदस्य-केंद्रित कार्यप्रणाली अपनाए और लोगों का विश्वास मजबूत करे।

 

 

कनीराम ने कहा कि आधुनिक तकनीक, पारदर्शी प्रबंधन, सुशासन और युवाओं की सक्रिय भागीदारी से सहकारिता आंदोलन को नई ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि समय की जरूरतों के अनुरूप सहकारी संस्थाओं को स्वयं को विकसित करना होगा, ताकि समाज के हर वर्ग तक उनकी सेवाएं प्रभावी ढंग से पहुंच सकें।

समारोह में सहकारी सप्ताह-2026 के दौरान प्रदेशभर में आयोजित जनजागरूकता अभियान, प्रशिक्षण कार्यक्रम, संगोष्ठियों और विभिन्न प्रतियोगितियों की जानकारी भी साझा की गई। वक्ताओं ने बताया कि सप्ताहभर चले आयोजनों से सहकारिता के सिद्धांतों, योजनाओं और उपलब्धियों का व्यापक प्रचार-प्रसार हुआ, जिससे लोगों का सहकारी संस्थाओं के प्रति विश्वास और सहभागिता बढ़ी है।

कार्यक्रम में सहकारी क्षेत्र से जुड़े पदाधिकारी, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न सहकारी समितियों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे। समापन अवसर पर सभी ने किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहकारिता की भूमिका को और मजबूत करने का सामूहिक संकल्प लिया।

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