कांकेर, 27 जुलाई 2026। जिले में मलेरिया के अचानक बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। बीते दो दिनों में सरकारी छात्रावासों में रहने वाले दो छात्रों की मलेरिया से मौत हो गई, जबकि इरादाह और मर्दापोटी छात्रावास के 11 छात्र मलेरिया पॉजिटिव पाए गए हैं। सभी संक्रमित छात्रों का इलाज जारी है और प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार जांच व दवा वितरण में जुटी हैं।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. आर.सी. ठाकुर ने बताया कि जिले में अचानक मलेरिया का आउटब्रेक सामने आया है। प्रभावित छात्रावासों और आसपास के गांवों में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं। मरीजों की जांच, उपचार और दवा वितरण के साथ सभी छात्रावासों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, डोमाहर्रा निवासी तीन सगी बहनों को तेज बुखार के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इनमें 9 वर्षीय करीना विश्वकर्मा की 25 जुलाई को इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि उसकी दोनों बहनों का उपचार जारी है।
वहीं, मर्दापोटी छात्रावास में कई छात्रों को बुखार और सिरदर्द की शिकायत के बाद जांच की गई, जिसमें चार छात्र मलेरिया संक्रमित मिले। इनमें 9 वर्षीय छात्र सुभाष कुमेटी की हालत बिगड़ने पर परिजन उसे घर ले गए थे। रविवार सुबह तबीयत अधिक खराब होने पर दोबारा जिला अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
आदिम जाति कल्याण विभाग की सहायक आयुक्त जया मनु ने बताया कि 22 जुलाई को सभी छात्रावासों में स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया था और उस समय कोई भी बच्चा मलेरिया संक्रमित नहीं मिला था। हालांकि 24 जुलाई के बाद अचानक संक्रमण के मामले तेजी से सामने आने लगे।
CMHO डॉ. ठाकुर ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग लगातार छात्रावासों और प्रभावित गांवों में स्क्रीनिंग कर रहा है। सभी संदिग्ध मरीजों की जांच कर तत्काल उपचार शुरू किया जा रहा है, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का उपयोग करने, घर के आसपास पानी जमा नहीं होने देने, पूरी बांह के कपड़े पहनने और बुखार आने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने की अपील की है।





