27 Jul 2026, Mon

रायपुर में आउटडोर विज्ञापनों पर सख्ती: पोस्टर के लिए तय स्थान, बिना अनुमति ब्रांडिंग करने वाले दुकानदारों पर ₹50 हजार जुर्माना

सतीश शर्मा

रायपुर, 27 जुलाई 2026। राजधानी रायपुर में अब सार्वजनिक स्थानों पर मनमाने तरीके से पोस्टर और फ्लेक्स लगाना महंगा पड़ सकता है। नगर निगम ने शहर के सभी 10 जोनों में पोस्टर लगाने के लिए निशुल्क स्थान निर्धारित कर दिए हैं। तय स्थानों के अलावा किसी भी सार्वजनिक जगह पर पोस्टर या फ्लेक्स लगाने पर ₹5 हजार का जुर्माना लगाया जाएगा।

नगर निगम ने आउटडोर एडवरटाइजमेंट पॉलिसी-2024 के तहत अनाधिकृत विज्ञापनों के खिलाफ विशेष अभियान शुरू करने का फैसला किया है। इसके तहत ई-चालान प्रणाली लागू की जाएगी। निगम ने दुकानदारों, राजनीतिक दलों, सामाजिक और धार्मिक संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों तथा विज्ञापन एजेंसियों को एक सप्ताह के भीतर नियमों का पालन करने या आवश्यक अनुमति लेने के निर्देश दिए हैं।

 

 

दुकानों पर ब्रांडिंग के लिए भी अनुमति जरूरी

नई व्यवस्था के अनुसार दुकानदार अपनी दुकान पर केवल प्रतिष्ठान और संचालक का नाम प्रदर्शित कर सकेंगे। किसी कंपनी, ब्रांड, ऑफर, डिस्काउंट, एलईडी डिस्प्ले या अन्य प्रचार सामग्री लगाने के लिए नगर निगम से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

बिना अनुमति दुकान पर ब्रांडिंग, ऑफर, सेल, डिस्काउंट बोर्ड या अन्य प्रचार सामग्री लगाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठान पर ₹50 हजार तक का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं, अनाधिकृत होर्डिंग पर कम से कम ₹1 लाख, बल्क विज्ञापन पर ₹10 हजार प्रति आयोजन और बिना अनुमति हवाई विज्ञापन करने पर ₹2 लाख तक का जुर्माना तय किया गया है।

इन स्थानों पर मुफ्त में लगा सकेंगे पोस्टर

नगर निगम ने सभी 10 जोनों में पोस्टर लगाने के लिए निर्धारित स्थान तय किए हैं। इनमें दम्मानी पेट्रोल पंप, गुढ़ियारी पड़ाव, पैराडाइज होटल, एक्सप्रेस-वे सर्विस रोड, बूढ़ातालाब का पुराना धरना स्थल, गोल चौक, लाखेनगर, चंगोराभाठा, आईएसबीटी, पौनी पसारी, 100 बिस्तर अस्पताल परिसर, कबीर चौक फ्लाईओवर, सब्जी मंडी, मढ़िया तालाब, जोरा, फुंडहर पानी टंकी और अमलीडीह गौठान सहित अन्य स्थान शामिल हैं।

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20 करोड़ के विज्ञापन बाजार पर निगम की नजर

नगर निगम का विज्ञापन राजस्व अब तक मुख्य रूप से होर्डिंग और यूनीपोल से आता रहा है। नई नीति के तहत पहली बार दुकानों की कमर्शियल ब्रांडिंग, ऑफर-डिस्काउंट बोर्ड, दिशा-सूचक और अन्य आउटडोर विज्ञापनों को भी अनुमति व्यवस्था के दायरे में लाया गया है। पिछले वित्तीय वर्ष में निगम को विज्ञापन शुल्क से ₹20.05 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ था।

राजस्व उपायुक्त डॉ. अंजली शर्मा ने कहा कि नए नियमों को सख्ती से लागू किया जाएगा। इसके लिए विज्ञापन एजेंसियों, प्रिंटरों और राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर नियमों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही दिशा-सूचक बोर्डों की भी जांच जारी है।

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