5 Nov 2026, Thu
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PIB रायपुर की पहल पर गुजरात पहुंचे छत्तीसगढ़ के पत्रकार, विकास मॉडल को करीब से समझा

रायपुर, 30 जुलाई 2026

गुजरात को केवल एक राज्य कहना शायद उसके बदलते स्वरूप के साथ न्याय नहीं होगा। यहां एक ओर साबरमती आश्रम में महात्मा गांधी के विचारों की सादगी है, तो दूसरी ओर GIFT City की ऊंची इमारतों में वैश्विक वित्त का नया भारत आकार ले रहा है। इसी गुजरात को करीब से समझने का अवसर पत्र सूचना कार्यालय, रायपुर द्वारा आयोजित पांच दिवसीय अध्ययन दौरे में छत्तीसगढ़ के मीडिया प्रतिनिधिमंडल को मिला।

इस यात्रा में प्रतिनिधिमंडल ने साबरमती आश्रम, कोचरब आश्रम, अमूल डेयरी, लोथल, मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना, सैनंद के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम, GIFT City और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का दौरा किया। हर पड़ाव ने भारत के बदलते विकास मॉडल की अलग तस्वीर पेश की।

गांधी से विकास की नई सोच तक

साबरमती आश्रम में महात्मा गांधी के जीवन और विचारों को समझने का अवसर मिला। सादगी, स्वावलंबन और राष्ट्र निर्माण के उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक नजर आए। यही गुजरात आगे बढ़ते हुए आधुनिक तकनीक और वैश्विक निवेश का भी केंद्र बन चुका है।

अमूल: गांव से ग्लोबल ब्रांड बनने की मिसाल

आनंद स्थित अमूल डेयरी ने बताया कि सहकारिता आंदोलन किस तरह लाखों किसानों की आर्थिक ताकत बना। यहां यह स्पष्ट हुआ कि किसी भी ब्रांड की सबसे बड़ी पूंजी उसका भरोसा और उससे जुड़े लोग होते हैं।

लोथल: 4500 साल पुरानी समुद्री विरासत

लोथल में राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर के निर्माण के जरिए भारत अपनी प्राचीन समुद्री सभ्यता को नई पहचान देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सिंधु सभ्यता का यह ऐतिहासिक नगर बताता है कि भारत का समुद्री व्यापार हजारों वर्ष पुराना रहा है।

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हाई-स्पीड रेल: भविष्य की रफ्तार

मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना का निर्माण कार्य भारत के आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की नई तस्वीर पेश करता है। विशाल पुल, सुरंगें और अत्याधुनिक तकनीक यह संकेत देती है कि देश परिवहन के नए युग में प्रवेश कर रहा है।

सैनंद: सेमीकंडक्टर से आत्मनिर्भर भारत की ओर

सैनंद में विकसित हो रहा सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। मोबाइल, इलेक्ट्रिक वाहन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रक्षा जैसे क्षेत्रों में इसकी अहम भूमिका होगी।

GIFT City: भारत का नया ग्लोबल फाइनेंशियल हब

GIFT City पहुंचते ही विकास का एक अलग ही आयाम सामने आया। यहां अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग, फंड मैनेजमेंट, बीमा, पूंजी बाजार, एयरक्राफ्ट और शिप लीजिंग जैसी वित्तीय सेवाओं का वैश्विक केंद्र विकसित किया जा रहा है।

GIFT City के अधिकारियों ने बताया कि इसका उद्देश्य उन अंतरराष्ट्रीय वित्तीय गतिविधियों को भारत में लाना है, जो अब तक सिंगापुर, दुबई और अन्य विदेशी वित्तीय केंद्रों से संचालित होती थीं। इससे निवेश, रोजगार और वैश्विक वित्तीय अवसरों का विस्तार होगा।

IFSCA: एकीकृत नियामक व्यवस्था

अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (IFSCA) GIFT City की वित्तीय गतिविधियों का नियमन करता है। इसका उद्देश्य भारत को वैश्विक वित्तीय सेवाओं का प्रतिस्पर्धी केंद्र बनाना और देश की प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय अवसर भारत में ही उपलब्ध कराना है।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी: विकास और विरासत का प्रतीक

यात्रा का अंतिम पड़ाव एकतानगर स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी रहा। सरदार वल्लभभाई पटेल की विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा के सामने खड़े होकर ऐसा महसूस हुआ कि गुजरात की पूरी यात्रा एक सूत्र में बंध जाती है—जहां विरासत, एकता, तकनीक और विकास साथ-साथ चलते हैं।

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