रायपुर/श्रीनगर, 01 अगस्त 2026
जम्मू-कश्मीर की वादियों से एक बार फिर इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली खबर सामने आई है। कुलगाम जिले में आतंकियों ने ईंट भट्ठे पर काम कर रहे छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की सिर्फ इसलिए हत्या कर दी क्योंकि वे हिंदू थे। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, आतंकियों ने पहले वहां मौजूद मजदूरों से उनका धर्म पूछा, फिर हिंदू मजदूरों को अलग कर उन पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं।

यह आतंकी हमला शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे कुलगाम से लगभग 20 किलोमीटर दूर केलाम इलाके में हुआ। रोजी-रोटी की तलाश में कश्मीर पहुंचे मजदूरों को शायद अंदाजा भी नहीं था कि उनकी पहचान ही उनकी मौत का कारण बन जाएगी।
हमले में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के दीपक रात्रे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सक्ती जिले के भूपेंद्र ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। दोनों ईंट भट्ठे में मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करने के लिए कश्मीर गए थे।
इस हमले ने एक बार फिर उन आतंकियों की सांप्रदायिक सोच को उजागर कर दिया है, जो निर्दोष लोगों को धर्म के आधार पर निशाना बनाकर दहशत फैलाने की कोशिश करते हैं। घटना की सूचना मिलते ही सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर आतंकियों की तलाश शुरू कर दी है।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दोनों मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शोकाकुल परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
रोजगार की तलाश में घर से निकले दो मजदूरों की आतंक की गोलियों से हुई मौत ने न केवल उनके परिवारों को उजाड़ दिया, बल्कि एक बार फिर यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि आखिर निर्दोष नागरिक कब तक आतंकवाद की इस बर्बर मानसिकता का शिकार बनते रहेंगे।





