कवर्धा, 16 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने बुधवार को कवर्धा जिले के दौरे के दौरान दूरस्थ आदिवासी अंचलों में बच्चों के शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और बाल अधिकारों से जुड़े विषयों की समीक्षा की। उन्होंने बैरख तहसील के विशेष जनजातीय बैगा क्षेत्र में बाल चौपाल 2.0 आयोजित कर बच्चों से सीधे संवाद किया। इसके साथ ही विभिन्न शैक्षणिक एवं आवासीय संस्थानों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं में कमियां मिलने पर अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
डॉ. शर्मा ने कहा कि जनजातीय क्षेत्र के बच्चे प्रतिभाशाली और होनहार हैं। उन्हें बेहतर शिक्षा, आधुनिक तकनीकी संसाधन और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए तो उनके भविष्य को और मजबूत किया जा सकता है।

संस्थानों में मिली अव्यवस्थाओं पर तत्काल सुधार के निर्देश
निरीक्षण के दौरान आदिवासी बालक आश्रम बैरख सहित अन्य संस्थानों में साफ-सफाई की कमी, भंडार गृह में गंदगी, शिक्षकों की कमी और मलेरिया से बचाव की व्यवस्थाओं में कमियां सामने आईं। आयोग अध्यक्ष ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

मलेरिया से बचाव के लिए नई मच्छरदानियां उपलब्ध कराने, शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए उपस्थित ABEO को उचित पत्राचार कर आयोग को जानकारी देने तथा संस्थानों में स्वच्छता व्यवस्था बेहतर करने के निर्देश दिए गए। हाई स्कूल में साइंस इक्विपमेंट की कमी और अव्यवस्था को भी तत्काल दूर करने की हिदायत दी गई।
डॉ. शर्मा ने शासकीय बालक गृह कवर्धा का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों के साथ रात्रि भोजन किया और बाल गृह के एक बच्चे का जन्मदिन भी मनाया।
बाल चौपाल में बच्चों ने खुलकर रखी अपनी बात
दूरस्थ बैरख क्षेत्र में आयोजित बाल चौपाल 2.0 में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों ने आयोग अध्यक्ष के सामने अपनी समस्याएं, अनुभव और जीवन से जुड़ी बातें खुलकर साझा कीं।
कार्यक्रम में क्विज और बाल अधिकारों पर आधारित सांप-सीढ़ी जैसे रोचक खेलों के माध्यम से बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान गुड टच-बैड टच, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर और बाल विवाह जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई।
डॉ. वर्णिका शर्मा ने बच्चों की प्रतिभा और उत्साह की सराहना करते हुए उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ने और डिजिटल अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
एकलव्य विद्यालय में बच्चों संग मनाया प्रधानमंत्री का जन्मदिन
एकलव्य आवासीय विद्यालय तरेगांव में आयोग अध्यक्ष ने विद्यार्थियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन मनाया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने प्रधानमंत्री के संघर्ष और राष्ट्र के प्रति समर्पण से प्रेरणा लेने की बात कही तथा भविष्य में राष्ट्र सेवा में योगदान देने का संकल्प लिया।
डॉ. शर्मा ने विद्यार्थियों से संवाद कर उनके भविष्य के लक्ष्य और समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने बच्चों की समस्याओं को समय पर सामने लाने के लिए नियमित काउंसलिंग और आवश्यक सैंपलिंग प्रक्रिया को प्रभावी बनाने पर जोर दिया, ताकि बच्चे बिना झिझक अपनी बात रख सकें।
कलेक्टर सभागृह में विभागवार समीक्षा
कवर्धा कलेक्टर सभागृह में आयोग अध्यक्ष ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बाल अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और संस्थागत व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को बच्चों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता, तत्परता और जवाबदेही के साथ काम करने तथा बच्चों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान आश्रम शालाओं और छात्रावासों की व्यवस्था सुधारने के लिए आदिवासी विकास विभाग को निर्देश दिए गए। स्थायी शिक्षक की नियुक्ति होने तक अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था करने, विशेष रूप से गणित, अंग्रेजी और विज्ञान विषय के शिक्षकों की कमी दूर करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा COTPA एक्ट और बाल श्रम अधिनियम के तहत विभिन्न विभागों के बीच निरंतर अनुश्रवण करते हुए अभियान चलाने, PCPNDT एक्ट का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने तथा महिला एवं बाल विकास और श्रम विभाग के बीच समन्वय बढ़ाकर PMMVY और मिनीमाता महतारी जतन योजना के हितग्राहियों को अधिकतम लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए।




