8 Aug 2026, Sat
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स्वच्छता दीदियों की हड़ताल पर सरकार सख्त : सेवा समाप्त करने की चेतावनी, सफाई व्यवस्था बिगड़ी तो निकाय प्रमुखों पर होगी कार्रवाई

रायपुर, 08 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ में मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर स्वच्छता दीदियों की 10 दिवसीय हड़ताल के बीच राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। हड़ताल के कारण कई नगरीय निकायों में सफाई और डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) ने सभी नगरीय निकायों को जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

सूडा ने प्रदेश के सभी नगर निगम आयुक्तों, नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निर्देश जारी कर कहा है कि हड़ताल जैसी गतिविधियों को रोकने के लिए तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।

स्व-सहायता समूहों का अनुबंध खत्म करने की चेतावनी

सूडा की ओर से जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि अनुबंध की शर्तों के तहत हड़ताल में शामिल स्व-सहायता समूहों के अनुबंध समाप्त किए जा सकते हैं। इसके साथ ही हड़ताल में शामिल संबंधित सदस्यों की सेवा समाप्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।

 

 

शासन ने नगरीय निकायों को सफाई व्यवस्था हर हाल में सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि हड़ताल के कारण आम नागरिकों को कचरा संग्रहण और सफाई से जुड़ी किसी समस्या का सामना न करना पड़े।

सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई तो अधिकारियों पर कार्रवाई

सूडा ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि हड़ताल के कारण किसी नगरीय निकाय क्षेत्र में सफाई व्यवस्था बाधित होती है, तो संबंधित निकाय प्रमुख के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की होगी।

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1 अगस्त से चल रही है हड़ताल

छत्तीसगढ़ स्वच्छता दीदी महिला एवं पुरुष महासंघ की ओर से मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर 1 अगस्त से हड़ताल की जा रही है। स्वच्छता दीदियां नगरीय निकायों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में प्रमुख भूमिका निभाती हैं।

हड़ताल के कारण कचरा संग्रहण और सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने और हड़ताल समाप्त कराने के लिए सख्ती बढ़ा दी है।

7,200 से बढ़ाकर 8,000 रुपए किया गया मानदेय

प्रशासन का कहना है कि स्वच्छता दीदियों के हितों को ध्यान में रखते हुए जनवरी 2025 से उनका मासिक मानदेय 7,200 रुपए से बढ़ाकर 8,000 रुपए किया गया है। इसके अलावा सूखे कचरे की बिक्री से होने वाली पूरी आय भी स्वच्छता दीदियों को दिए जाने की बात कही गई है।

आवश्यक सेवा से जुड़े प्रावधानों का हवाला

अधिकारियों का कहना है कि बार-बार होने वाली हड़तालों से सफाई जैसी अत्यावश्यक और बुनियादी सेवा प्रभावित होती है। प्रशासन ने इसे छत्तीसगढ़ आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम के प्रावधानों से जोड़ते हुए कहा है कि ऐसी गतिविधियों से आम जनता को सीधे परेशानी होती है।

सरकार ने साफ कर दिया है कि नगरीय क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था को किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होने दिया जाएगा और जरूरत पड़ने पर अनुबंध समाप्त करने से लेकर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तक की जा सकती है।

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