11 Aug 2026, Tue
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SMC हार्ट इंस्टीट्यूट की बड़ी उपलब्धि, 3 मरीजों में सफल लीडलेस पेसमेकर प्रत्यारोपण; आधुनिक तकनीक से कम हुआ जटिलताओं का खतरा

रायपुर, 11 अगस्त 2026

हृदय रोग उपचार के क्षेत्र में SMC HEART INSTITUTE RAIPUR ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। संस्थान में तीन मरीजों में अत्याधुनिक लीडलेस पेसमेकर (Leadless Pacemaker) का सफलतापूर्वक प्रत्यारोपण किया गया। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, इस तकनीक के जरिए छाती पर चीरा लगाए बिना और पारंपरिक पेसमेकर की तरह लीड (तार) डाले बिना हृदय की धड़कन को नियंत्रित किया जाता है।

लीडलेस पेसमेकर आकार में छोटा उपकरण होता है, जिसे सीधे हृदय के भीतर प्रत्यारोपित किया जाता है। पारंपरिक पेसमेकर की तुलना में इसमें छाती पर चीरा और तार की जरूरत नहीं होती। इससे संक्रमण, रक्तस्राव और फेफड़े से जुड़ी कुछ जटिलताओं का जोखिम कम हो सकता है। प्रक्रिया के बाद मरीज को अपेक्षाकृत कम असुविधा होती है और अस्पताल से अगले दिन छुट्टी भी दी जा सकती है।

 

 

अस्पताल की विशेषज्ञ हृदय रोग चिकित्सकों की टीम ने तीनों मरीजों की प्रक्रियाएं सफलतापूर्वक पूरी कीं। इनमें एक मरीज को पहले पारंपरिक तार वाला पेसमेकर लगाया गया था, जिसके बाद उसे संक्रमण हो गया था। दवाइयों से संक्रमण ठीक नहीं होने की स्थिति में इस मरीज में लीडलेस पेसमेकर का सफल प्रत्यारोपण किया गया।

वहीं, दो अन्य मरीजों में AV यानी दो-चैंबर पेसमेकर लगाया गया। यह हृदय की प्राकृतिक धड़कन के पैटर्न को बनाए रखने में मदद करता है। इसके अलावा एक मरीज में सिंगल चैंबर पेसमेकर सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित किया गया। अस्पताल के मुताबिक, वर्तमान में तीनों मरीजों की स्थिति सामान्य और संतोषजनक है।

SMC HEART INSTITUTE RAIPUR प्रबंधन ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के मरीजों को महानगरों में उपलब्ध अत्याधुनिक हृदय चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है। इसके लिए अस्पताल लगातार नई तकनीकों को अपनाकर सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने पर जोर दे रहा है।

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इस सफल प्रक्रिया में डॉ. सतीश सूर्यवंशी, डॉ. एस.एस. मोहंती, डॉ. वेद प्रकाश वर्मा सहित कैथ लैब स्टाफ दानेश, देव और पूरी टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि भविष्य में भी अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से छत्तीसगढ़ के लोगों को विश्वस्तरीय हृदय चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रयास जारी रहेंगे। तीन मरीजों में लीडलेस पेसमेकर का सफल प्रत्यारोपण प्रदेश में आधुनिक कार्डियक उपचार के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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