रायपुर, 18 अगस्त 2026
त्योहारों के सीजन में मिलावटखोरी पर शिकंजा कसने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। “बने खाबो-बने रहिबो 2.0” अभियान के तहत राजधानी रायपुर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच के लिए सैंपलिंग और निरीक्षण की कार्रवाई की गई।

सरदार वल्लभभाई पटेल डूमरतराई थोक मार्केट से विभागीय टीम ने पैक्ड मिठाइयों के तीन लीगल सैंपल लिए। इनमें रसगुल्ला, गुलाब जामुन और सोन केक शामिल हैं। इसके साथ ही हाई वे किंग रेस्टोरेंट से पनीर और वेज ग्रेवी के नमूने भी जांच के लिए लिए गए।

जांच के दौरान रेस्टोरेंट के किचन में वेज और नॉन-वेज सेक्शन अलग-अलग मिले, लेकिन खाद्य सामग्रियों का रख-रखाव संतोषजनक नहीं पाया गया। विभाग ने मौके पर ही सख्ती दिखाते हुए किचन को तत्काल बंद कराया और सभी खाद्य सामग्रियों को व्यवस्थित एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप रखने के निर्देश दिए। आपको बता दे कि होटल हाईवे इन से एक वीडियो हमको प्राप्त हुआ था जिसमें ग्राहक का कहना था कि उन्होंने वेज ऑर्डर किया था लेकिन उन्हें नॉनवेज परोस दिया गया । उन्होंने जब इसकी शिकायत कि तो प्रबंधन ने पूरी गलती शेफ़ की बता दी ।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियंत्रक दीपक कुमार अग्रवाल (आईएएस) ने अभियान को प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। विभाग का साफ संदेश है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अब सभी लिए गए नमूनों की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट सामने आने के बाद यदि किसी खाद्य पदार्थ में गुणवत्ता संबंधी खामी या मिलावट पाई जाती है, तो संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
यानी त्योहारों की मिठास में मिलावट घोलने वालों पर विभाग की नजर है और नियमों की अनदेखी करने वाले कारोबारियों के लिए कार्रवाई का रास्ता साफ है।





