3 Oct 2026, Sat
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मोदी कैबिनेट के बड़े फैसले: बिहार में 4 लेन हाईवे को मंजूरी, चार रेल परियोजनाओं पर भी लगी मुहर

नई दिल्ली, 19 अगस्त 2026। मोदी कैबिनेट ने बुधवार को बुनियादी ढांचे से जुड़े पांच बड़े फैसलों को मंजूरी दी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सरकार ने बिहार में मुजफ्फरपुर-सितामढ़ी-सोनवर्षा फोरलेन हाईवे और चार महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं को स्वीकृति दी है। इन परियोजनाओं पर कुल करीब 13,041 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

बिहार के लिए मंजूर हाईवे परियोजना की अनुमानित लागत 3,591 करोड़ रुपये है। इस फोरलेन सड़क के निर्माण से मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी और सोनवर्षा के बीच आवागमन आसान होगा तथा क्षेत्र में कनेक्टिविटी और व्यापार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

खड़गपुर-भद्रक रेल सेक्शन होगा फोर-लाइन

कैबिनेट ने खड़गपुर से भद्रक के बीच 173 किलोमीटर लंबे रेल सेक्शन को चार-लाइन कॉरिडोर में विकसित करने की मंजूरी दी है। इस परियोजना पर करीब 3,352 करोड़ रुपये खर्च होंगे। निर्माण के दौरान 41 बड़े और 169 छोटे पुल बनाए जाएंगे।

यह रेल मार्ग कोयला और लौह अयस्क उत्पादक क्षेत्रों से माल ढुलाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। फोर-लाइन कॉरिडोर बनने से मालगाड़ियों के साथ यात्री ट्रेनों की आवाजाही भी सुगम होगी।

भद्रक-हरिदासपुर के बीच चौथी रेल लाइन

दूसरी परियोजना के तहत भद्रक से हरिदासपुर के बीच 75 किलोमीटर लंबी चौथी रेल लाइन बनाई जाएगी। करीब 1,533 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से रेल यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलेगी।

परियोजना में कटक शहर के आसपास रेल यातायात से होने वाली परेशानी और जाम को कम करने के लिए विशेष रेल-ओवर-रेल और फ्लाईओवर ढांचे भी बनाए जाएंगे। इससे हर साल करीब 433 करोड़ रुपये की लॉजिस्टिक्स लागत बचने का अनुमान है।

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गुम्मिडीपुंडी-गुडूर रेल मार्ग भी होगा फोर-लाइन

तीसरी परियोजना गुम्मिडीपुंडी से गुडूर के बीच 90 किलोमीटर लंबे रेल खंड से जुड़ी है। वर्तमान में यहां डबल लाइन है, जिसे तीसरी और चौथी लाइन जोड़कर क्वाड्रुपल रेल कॉरिडोर बनाया जाएगा।

इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 2,229 करोड़ रुपये है। फोर-लाइन बनने के बाद इस मार्ग पर अधिक यात्री और एक्सप्रेस ट्रेनें चलाने की क्षमता बढ़ेगी।

केंद्रीय सरकार के मुताबिक, इन परियोजनाओं से रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ेगी, माल ढुलाई आसान होगी और यात्री ट्रेनों के संचालन में सुधार आएगा। साथ ही निर्माण कार्यों से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

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