21 Aug 2026, Fri
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प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिक्षा मंत्री ने गिनाईं 2 साल की उपलब्धियां, 10,538 स्कूलों का युक्तियुक्तकरण; 453 शिक्षकविहीन स्कूलों में शिक्षक पदस्थ

रायपुर, 21 अगस्त 2026

छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग ने 10,538 स्कूलों का युक्तियुक्तकरण पूरा कर 15,165 शिक्षकों और प्राचार्यों का समायोजन किया है। इसका उद्देश्य शिक्षक कमी दूर करना, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम, 2009 के प्रावधानों को लागू करना है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी।

युक्तियुक्तकरण से 453 शिक्षकविहीन स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर हुई, जबकि 4,729 एकल-शिक्षकीय स्कूलों में शिक्षकों की पदस्थापना की गई।

 

 

पिछले दो वर्षों में विभाग ने 2,813 प्राचार्यों को पदोन्नति दी, जिनमें 1,335 टी-कैडर और 1,478 ई-कैडर के प्राचार्य शामिल हैं। इसके अलावा 1,798 व्याख्याताओं को टी-कैडर में पदोन्नत किया गया। 7,000 से अधिक प्राथमिक और मिडिल स्कूल प्रधानाध्यापकों को भी पदोन्नति दी गई।

विभाग ने 2,104 शैक्षणिक पदों पर सीधी भर्ती पूरी कर ली है, जबकि अन्य 5,000 शिक्षकीय पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। स्वामी आत्मानंद और स्वामी विवेकानंद स्कूलों में 3,000 से अधिक संविदा पदों पर भर्ती भी चल रही है।

स्वामी आत्मानंद और स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में संविदा भर्ती के लिए राज्य स्तरीय कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) शुरू किया गया है। 3,066 संविदा पदों की चयन प्रक्रिया जारी है और इसके परिणाम एक सप्ताह में आने की उम्मीद है।

वर्ष 2026-27 के लिए एक समान शैक्षणिक कैलेंडर लागू किया गया है। 1 अप्रैल 2027 से राज्य का शैक्षणिक सत्र सीबीएसई कैलेंडर के अनुरूप होगा।

स्थानीय भाषाओं में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए पाठ्यपुस्तकों और कक्षा शिक्षण में भी बदलाव किए गए हैं। कक्षा 1 और 2 की किताबों में बारहखड़ी को शामिल किया गया है। किताबें 16 स्थानीय बोलियों और 4 अंतरराज्यीय भाषाओं में तैयार की गई हैं। अधिकारियों के अनुसार, छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है जिसने भाषाई मानचित्रण पूरा किया है।

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स्थानीय मातृभाषाओं में पढ़ाने के लिए बस्तर संभाग के 2,700 शिक्षकों और सरगुजा संभाग के 2,368 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया है।

शिक्षकों की उपस्थिति और अनुशासन सुधारने के लिए AI आधारित विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) और बायोमेट्रिक सिस्टम लागू किए गए हैं। करीब 85% शिक्षक VSK मोबाइल एप के माध्यम से रोजाना अपनी उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं।

पाठ्यपुस्तक वितरण की बारकोड आधारित ट्रैकिंग से राज्य के खजाने को 40 करोड़ रुपए की बचत हुई है।

बुनियादी ढांचे के लिए 2026-27 के बजट में 700 नए स्कूल भवनों का प्रावधान किया गया है। वहीं 150 स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों के निर्माण और संचालन के लिए 100 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं।

कल्याणकारी योजनाओं के तहत SC, ST और BPL परिवारों की कक्षा 9 की 1,62,827 छात्राओं को मुफ्त साइकिलें दी गईं। कक्षा 1 से 8 तक के 28,63,786 से अधिक विद्यार्थियों को नए रंग संयोजन वाली मुफ्त यूनिफॉर्म दी गई।

शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले 45,33,261 विद्यार्थियों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई गईं।

बस्तर संभाग में नक्सल गतिविधियों या शून्य नामांकन के कारण बंद हुए 48 स्कूलों को नियद नेल्लानार पहल के तहत फिर से खोला गया। संभाग में 36 नए स्कूल भी स्थापित किए गए।

विभाग के अनुसार, इन कदमों का उद्देश्य शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाना, स्कूलों का बुनियादी ढांचा मजबूत करना, स्थानीय भाषाओं में शिक्षा को बढ़ावा देना और विशेष रूप से दूरस्थ व प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा की पहुंच बढ़ाना है।

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