अंबिकापुर, 21 अगस्त 2026। सरगुजा जिले के सीतापुर थाना क्षेत्र में मानव तस्करी की एक बड़ी साजिश को पुलिस ने नाकाम किया है। आरोपियों ने 16 वर्षीय आदिवासी नाबालिग छात्रा और 19 वर्षीय युवती को दिल्ली में अच्छी नौकरी और मोटी पगार दिलाने का झांसा दिया था।
दोनों युवतियां 16 अगस्त से घर से लापता थीं। परिजन उनकी तलाश कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें जानकारी मिली कि दोनों को रायगढ़ के कापू क्षेत्र में देखा गया है और आरोपी उन्हें ट्रेन से दिल्ली ले जाने की तैयारी में हैं।

सूचना मिलते ही परिजन 18 अगस्त को रायगढ़ के केराकछार पहुंचे। वहां दोनों युवतियां दो युवकों के साथ मिलीं। परिजनों ने दोनों को सुरक्षित छुड़ाकर केरजू पुलिस चौकी पहुंचाया और मामले की शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि विद्याभूषण लकड़ा और देवलाल तिग्गा ने दिल्ली में नौकरी और अच्छी सैलरी का लालच देकर दोनों को अपने साथ आने के लिए तैयार किया था। दोनों आरोपियों ने युवतियों को करीब दो दिन तक अपने घर में रखा और इसके बाद उन्हें ट्रेन से दिल्ली ले जाने की योजना बनाई थी।
नाबालिग के पिता की शिकायत पर केरजू पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2), 143(1)(क) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
केरजू चौकी प्रभारी राजेश्वर महंत ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अनजान लोगों के नौकरी के झांसे में न आएं और बेटियों को बाहर काम पर भेजने से पहले संबंधित व्यक्ति व रोजगार की पुलिस से जांच जरूर कराएं।





