21 Aug 2026, Fri
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कलिंगा यूनिवर्सिटी में AI की पाठशाला : छात्रों ने ChatGPT, Claude और Gemini से बिजनेस रणनीति बनाने की तकनीक सीखी

रायपुर, 21 अगस्त 2026। कलिंगा विश्वविद्यालय में यंग इंडियंस (Yi) और कैंपस ऑन के सहयोग से वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय के तत्वावधान में “प्रबंधकीय छात्रों के लिए प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग” विषय पर विशेषज्ञ सत्र आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को व्यवसाय और प्रबंधन के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के व्यावहारिक उपयोग से परिचित कराना था। सत्र में कुल 111 विद्यार्थियों ने भाग लेकर प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग और विभिन्न AI टूल्स के उपयोग की जानकारी प्राप्त की।

AI विशेषज्ञ एवं उद्यमी पार्थ मिरानी ने विद्यार्थियों को ChatGPT, Claude AI और Google Gemini जैसे प्रमुख AI प्लेटफॉर्म्स के बारे में जानकारी दी। उन्होंने शोध, मार्केटिंग, बिजनेस रणनीति और ऑटोमेशन जैसे क्षेत्रों में AI के व्यावहारिक उपयोग का प्रदर्शन किया। सत्र का प्रमुख आकर्षण “Think – Prompt – Create – Improve” फ्रेमवर्क रहा, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों को AI का उपयोग करते हुए रचनात्मक सोच और समस्या-समाधान क्षमता विकसित करने की प्रक्रिया समझाई गई।

विशेषज्ञ मिरानी ने कहा कि प्रभावी AI उपयोग केवल सवाल पूछने तक सीमित नहीं है, बल्कि बेहतर परिणाम के लिए सही तरीके से प्रॉम्प्ट तैयार करना जरूरी है। विद्यार्थियों को स्पष्ट भूमिका, संदर्भ, उद्देश्य, सीमाएं और अपेक्षित आउटपुट फॉर्मेट के आधार पर प्रभावी प्रॉम्प्ट तैयार करने की तकनीक सिखाई गई। साथ ही AI से प्राप्त उत्तरों का आलोचनात्मक मूल्यांकन कर उन्हें आवश्यकतानुसार बेहतर बनाने की प्रक्रिया भी समझाई गई।

 

 

कार्यक्रम में वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय के डीन डॉ. श्रीकृष्ण ढाले ने पार्थ मिरानी का स्वागत किया। युवा चेयर प्रियंका दुलहानी, इशिका चौधरी एवं श्रेया अग्रवाल की भी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में कला एवं मानविकी संकाय के सहायक प्राध्यापक एवं यंग इंडिया कोऑर्डिनेटर डॉ. योगेश वैष्णव, BTCSAIML 5वें सेमेस्टर के छात्र अमन दुबे और BCAAIML 5वें सेमेस्टर की छात्रा शिवांशी भगत की सहभागिता रही। संचालन BTCSAIML 3वें सेमेस्टर की छात्रा डॉली और BSCAIML 3वें सेमेस्टर की छात्रा पलक ने किया।

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सत्र के माध्यम से विद्यार्थियों को जिम्मेदार और प्रभावी AI अपनाने, उद्योग की जरूरतों के अनुरूप तकनीकी कौशल विकसित करने तथा नवाचार को बढ़ावा देने का व्यावहारिक अनुभव मिला। विश्वविद्यालय की ओर से बताया गया कि उद्योग-उन्मुख शिक्षा और भविष्य की चुनौतियों के लिए विद्यार्थियों को तैयार करने के उद्देश्य से ऐसे विशेषज्ञ सत्र, कार्यशालाएं और नवाचार आधारित गतिविधियां नियमित रूप से आयोजित की जाती हैं।

कलिंगा विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, उद्यमशीलता, तकनीकी दक्षता और राष्ट्र निर्माण से जुड़े कौशल विकसित करना है, ताकि वे बदलते औद्योगिक और व्यावसायिक परिवेश में प्रभावी भूमिका निभा सकें।

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