21 Aug 2026, Fri
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धमनियों में छिपा खतरा पहचानना जरूरी, डायबिटीज और धूम्रपान करने वालों में बढ़ता है वैस्कुलर डिजीज का जोखिम, सतर्कता से बच सकती है जान

रायपुर, 21 अगस्त 2026

पैरों में लगातार दर्द, ऐंठन, ठंडे पैर या लंबे समय तक घाव का न भरना—इन लक्षणों को अक्सर सामान्य समस्या मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। लेकिन ये वैस्कुलर डिजीज (रक्त वाहिकाओं से जुड़ी बीमारी) के संकेत हो सकते हैं। समय पर पहचान और जांच न होने पर यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है और कई मामलों में अंगों में रक्त संचार बाधित होने की स्थिति तक पहुंच सकती है।

एमएमआई नारायणा हॉस्पिटल, रायपुर के एडल्ट कार्डियक सर्जरी एवं पीडियाट्रिक एंड कॉन्जेनिटल हार्ट सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. हरि कुमार पी.के. के अनुसार, वैस्कुलर डिजीज ऐसी समस्या है जो शुरुआती दौर में स्पष्ट संकेत नहीं देती। यही कारण है कि मरीज मामूली लक्षणों को उम्र, मौसम या सामान्य दर्द से जोड़कर टाल देते हैं।

 

 

लक्षण छोटे, खतरा बड़ा

पैरों में चलते समय दर्द या ऐंठन, पैरों का असामान्य रूप से ठंडा रहना, त्वचा के रंग या स्थिति में बदलाव और घाव का लंबे समय तक न भरना धमनियों में रक्त प्रवाह कम होने के संकेत हो सकते हैं। शुरुआत में ये लक्षण हल्के दिखाई देते हैं, लेकिन बीमारी बढ़ने के साथ रक्त संचार गंभीर रूप से प्रभावित हो सकता है।

डायबिटीज और धूम्रपान करने वालों में ज्यादा खतरा

डायबिटीज से पीड़ित लोगों और धूम्रपान करने वालों में परिधीय धमनी रोग (Peripheral Artery Disease) का खतरा अधिक रहता है। इस स्थिति में हाथ-पैरों तक रक्त पहुंचाने वाली धमनियों में संकुचन या ब्लॉकेज हो सकता है। कई बार बीमारी का पता तब चलता है, जब पैर का घाव भरना बंद हो जाता है या किसी अंग में रक्त संचार बेहद कम हो जाता है।

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समय पर स्क्रीनिंग से टल सकता है बड़ा खतरा

विशेषज्ञों के मुताबिक, समय पर की गई वैस्कुलर स्क्रीनिंग बीमारी को गंभीर अवस्था में पहुंचने से पहले पहचानने में मदद कर सकती है। शुरुआती चरण में बीमारी का प्रबंधन दवाओं, जीवनशैली में बदलाव और अन्य चिकित्सकीय उपायों से किया जा सकता है। वहीं, देर से निदान होने पर उपचार अधिक जटिल हो सकता है और गंभीर मामलों में अंगों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है।

डर नहीं, सतर्कता जरूरी

वैस्कुलर डिजीज के मामले में सबसे जरूरी है कि शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न किया जाए। खासतौर पर डायबिटीज और धूम्रपान करने वाले लोगों को लक्षण दिखाई देने पर समय रहते चिकित्सकीय सलाह और आवश्यक जांच करानी चाहिए। समय पर जांच बीमारी की पहचान कर गंभीर जटिलताओं से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

अधिक जानकारी के लिए संपर्क:
अमित आनंद, मार्केटिंग हेड
एमएमआई नारायणा हॉस्पिटल, रायपुर
मोबाइल: 9713116845

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