15 Oct 2026, Thu
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छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर आदमखोर बाघ का आतंक, दर्जनों गांवों में हाई अलर्ट; ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से खदेड़ा, 16 अगस्त को ले चुका जान

राजनांदगांव, 30 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा से लगे इलाकों में आदमखोर बाघ की लगातार मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। बाघ पिछले तीन दिनों से मोहला-मानपुर क्षेत्र और महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले से लगे गांवों के आसपास घूम रहा है। शनिवार शाम और रविवार सुबह ग्रामीणों ने लाठी-डंडों और शोर मचाकर बाघ को बस्तियों से दूर खदेड़ा।

मोहला-मानपुर जिले के अंतिम छोर पर स्थित औंधी से करीब आठ किलोमीटर दूर महाराष्ट्र के गट्टेपायली और हालेपायली गांव के पास बाघ दिखाई दिया। शनिवार शाम ग्रामीणों ने एकजुट होकर शोर मचाया और लाठी-डंडे लेकर उसे गांव से दूर भगाया। रविवार सुबह नवागांव में भी बाघ की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद ग्रामीणों ने उसे खदेड़ दिया।

दर्जनों गांवों में हाई अलर्ट

बाघ की लगातार चहलकदमी को देखते हुए सीमावर्ती गांवों में अलर्ट जारी किया गया है। हालेपायली, गट्टेपायली, नवागांव, पेंदोडी, निडेली, तोड़के, कोहकाटोला, मुंदेली और नवागढ़ समेत दर्जनों गांवों के लोग भयभीत हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बाघ आम रास्तों और बस्तियों के आसपास नजर आ रहा है।

शनिवार सुबह करीब नौ बजे हालेपायली-गट्टेपायली मार्ग पर बाघ के सड़क पार करने की सूचना मिली। इसके बाद शाम करीब पांच बजे मोरचूल-गट्टेपायली मार्ग पर भी गांव के नजदीक बाघ दिखाई दिया।

16 अगस्त को ग्रामीण की ले चुका है जान

ग्रामीणों के मुताबिक, यह वही बाघ है जिसने 16 अगस्त को महाराष्ट्र के एटापल्ली तहसील के दोलंदा गांव में 57 वर्षीय हरी बोहरण वड्डे पर हमला कर उसकी जान ले ली थी। बताया गया कि बुजुर्ग शौच के लिए गया था, तभी बाघ ने उस पर हमला कर दिया।

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इसके बाद से बाघ लगातार अलग-अलग बस्तियों के आसपास घूम रहा है। इससे ग्रामीणों के साथ-साथ स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।

वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी

गढ़चिरौली के वन अधिकारियों ने बाघ के आदमखोर होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। हालांकि, क्षेत्र में बाघ के पदचिन्ह मिलने की जानकारी सामने आई है। ग्रामीणों द्वारा बाघ देखे जाने की सूचना के बाद वन विभाग ने इलाके को अलर्ट पर रखा है।

मैदानी कर्मचारियों को लगातार निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। आसपास के गांवों में मुनादी कर लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है। ग्रामीणों को सुबह और शाम जंगल की ओर जाने से मना किया गया है।

वहीं, बाघ को अब तक रेस्क्यू कर सुरक्षित क्षेत्र में नहीं ले जाए जाने से ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति नाराजगी भी बढ़ रही है। ग्रामीणों की मांग है कि बाघ को जल्द पकड़ा जाए, ताकि किसी और जनहानि की घटना को रोका जा सके।

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