सतना/चित्रकूट, 31 अगस्त 2026। शनिवार को आई भीषण बाढ़ की तबाही से चित्रकूट अभी उबर भी नहीं पाया था कि रविवार रात से शुरू हुई तेज बारिश ने एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में मंदाकिनी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे लोगों में दोबारा बाढ़ का डर बना हुआ है।
सोमवार सुबह आरोग्य धाम के पास मंदाकिनी नदी का जलस्तर 137.05 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी बताई जा रही है। शनिवार को आई बाढ़ से कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ था। पानी उतरने के बाद लोग अपने घरों और दुकानों को व्यवस्थित करने में जुटे थे, लेकिन दोबारा बारिश शुरू होने से उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं।

नेशनल हाईवे धंसा
बारिश के बीच पिंडरा के पास नेशनल हाईवे का हिस्सा धंस गया है। लगातार बारिश और जलभराव के कारण सड़क एवं आवागमन पर भी असर पड़ने की आशंका है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
भोजन और साफ पानी का संकट
बाढ़ के बाद कई प्रभावित इलाकों में भोजन, पीने के साफ पानी और कपड़ों की कमी सामने आ रही है। प्रभावित परिवार राहत और बचाव दलों से मदद की उम्मीद लगाए हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री के चित्रकूट दौरे के बावजूद जमीनी स्तर पर राहत एवं बचाव कार्यों में अपेक्षित तेजी नहीं दिख रही है।
बाढ़ का पानी उतरने के बाद सामने आई तबाही ने लोगों के सामने पुनर्वास और रोजमर्रा की जरूरतों का संकट खड़ा कर दिया है। दोबारा बारिश होने से लोगों को डर है कि नदी का जलस्तर फिर बढ़ सकता है।
सतना में सामान्य से 151.8 मिमी ज्यादा बारिश
सतना जिले में भी बारिश का दौर जारी है। सोमवार सुबह 8 बजे तक जिले में 23.8 मिमी औसत बारिश दर्ज की गई। 1 जून से 31 अगस्त तक जिले में कुल औसत वर्षा 1043.5 मिमी पहुंच गई है, जबकि जिले की सामान्य औसत वर्षा 891.7 मिमी है। इस तरह अब तक सामान्य से करीब 151.8 मिमी अधिक बारिश हो चुकी है।
सोहावल में 37 मिमी, बिरसिंहपुर में 35 मिमी, बरौंधा में 27 मिमी, रामपुर बाघेलान में 27.6 मिमी और सतना में 24.9 मिमी बारिश दर्ज की गई।
आपदा प्रबंधन टीम हाई अलर्ट पर
लगातार बारिश को देखते हुए कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने जिले की आपदा प्रबंधन टीम और सभी अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की नजर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के साथ-साथ मंदाकिनी नदी के जलस्तर पर बनी हुई है।
फिलहाल चित्रकूट के लोगों की निगाहें मंदाकिनी नदी के बढ़ते जलस्तर और आसमान पर टिकी हैं। शनिवार की तबाही के बाद दोबारा बारिश ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।





