जगदलपुर, 09 सितम्बर 2026। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के दूरस्थ और दुर्गम इलाकों में आवागमन की समस्या दूर करने के लिए करीब 200 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 13 नए पुल-पुलियों का निर्माण कराया जाएगा। लोक निर्माण विभाग (सेतु) जगदलपुर संभाग के अंतर्गत बस्तर, बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा जिलों में इन पुलों का निर्माण प्रस्तावित है।
मानसून के दौरान नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से कई ग्रामीण इलाकों का संपर्क मुख्य मार्गों और जिला मुख्यालयों से कट जाता है। नए पुलों के निर्माण से बारिश के दिनों में भी इन क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। इससे ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और दैनिक आवागमन की सुविधाओं तक पहुंच आसान होगी।

बीजापुर में सबसे ज्यादा 5 पुल
स्वीकृत 13 पुलों में सबसे ज्यादा 5 पुल बीजापुर जिले में बनाए जाएंगे। इसके अलावा बस्तर में 3, सुकमा में 3 और दंतेवाड़ा में 2 पुल बनाए जाने की योजना है। इन निर्माण कार्यों का उद्देश्य ऐसे गांवों को मुख्य सड़क नेटवर्क से जोड़ना है, जहां बरसात के दौरान आवागमन सबसे ज्यादा प्रभावित होता है।
पुलों के निर्माण से केवल यातायात व्यवस्था ही बेहतर नहीं होगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं, प्रशासनिक सेवाओं और स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच भी मजबूत होगी।
धीमे निर्माण पर अधिकारियों ने जताई नाराजगी
इधर, पहले से चल रहे पुल निर्माण कार्यों की धीमी गति को लेकर लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग जगदलपुर के कार्यपालन अभियंता करण पंदरीला ने नाराजगी जताई है। उन्होंने बस्तर जिले के बिन्ता-सतसपुर से धर्माबेड़ा एवं खड़कघाट में चल रहे पुल निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित ठेकेदार को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
व्यापार और रोजगार को भी मिलेगा फायदा
अधिकारियों के अनुसार बस्तर, बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा जैसे अंदरूनी क्षेत्रों में सड़क और पुलों का मजबूत नेटवर्क क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। बेहतर कनेक्टिविटी से कृषि उपज को बाजार तक पहुंचाने, स्थानीय व्यापार बढ़ाने और रोजगार के अवसर पैदा करने में मदद मिलेगी।
इसके साथ ही आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाना और विद्यार्थियों का स्कूल-कॉलेज तक आवागमन भी आसान होगा। नए पुलों को बस्तर के दुर्गम इलाकों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।





