10 Sep 2026, Thu

सागर जहरीली शराब कांड में 29 मौतों के बाद बड़ा एक्शन, मुख्य आरोपियों के घर चला बुलडोजर, मनीष लोधी अब भी फरार

सागर, 10 सितम्बर 2026 मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने से 29 लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने आरोपियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। गुरुवार को राजस्व और पुलिस की भारी मौजूदगी के बीच मुख्य आरोपियों के मकानों पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई की गई।

प्रशासन की टीम सबसे पहले बंडा स्थित आबकारी ठेकेदार और मामले के मुख्य आरोपित मनीष लोधी उर्फ यशवंत सिंह ठाकुर के घर पहुंची। इसके साथ ही ततरवारा गांव के सरपंच और आरोपी चंद्र भान उर्फ चंदू सिंह राजपूत के मकान पर भी कार्रवाई शुरू की गई।

कार्रवाई से पहले नगर परिषद बंडा और राजस्व विभाग की टीम ने दोनों आरोपियों के मकानों का सीमांकन और नपती की थी। इसके बाद संबंधितों को नोटिस जारी किया गया था। पुलिस के मुताबिक चंदू राजपूत को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि मनीष लोधी अभी फरार है।

 

 

मनीष लोधी की गिरफ्तारी पर 20 हजार का इनाम

पुलिस के अनुसार मनीष लोधी शराब की नई खेप तैयार करवाने के बाद बिहार चला गया था। रास्ते में उसे सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों की जानकारी मिली, जिसके बाद वह सतना से फरार हो गया।

मामले में छतरपुर निवासी रवि लखेरा और छापरी निवासी शिवान्जय राजपूत के भी फरार होने की जानकारी सामने आई है। मनीष लोधी और रवि लखेरा की गिरफ्तारी पर 20-20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। अन्य फरार आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम रखा गया है।

मक्के के खेत में बनाई गई थी नकली शराब

पुलिस जांच में सामने आया है कि जहरीली शराब की करीब 50 पेटियां ततरवारा गांव के मक्के के खेत में चल रही अवैध फैक्ट्री में तैयार की गई थीं। आरोपियों ने नकली ब्रांड का रैपर लगाकर शराब को बाजार में असली शराब की तरह बेचने की तैयारी की थी।

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पुलिस के मुताबिक मनीष लोधी का संपर्क शराब तस्कर रवि लखेरा से था। रवि पर पहले भी नकली शराब की फैक्ट्री चलाने का मामला सामने आ चुका है। जांच में यह भी पता चला कि उसने स्पिरिट से सस्ती शराब तैयार करने का तरीका आरोपियों को बताया था।

इसके बाद आरोपियों को स्पिरिट, खाली बोतलें, ढक्कन, रैपर और अन्य सामान उपलब्ध कराया गया। जन्माष्टमी से करीब दो दिन पहले नकली शराब की खेप तैयार की गई थी।

मिथाइल अल्कोहल की मात्रा बढ़ने से जहरीली हुई शराब

जांच एजेंसियों के अनुसार शराब में मिथाइल अल्कोहल की मात्रा अधिक होने के कारण यह जहरीली हो गई। आरोपियों ने शराब की बोतलों को असली जैसा दिखाने के लिए पैकेजिंग मशीन का भी इस्तेमाल किया था।

कार्रवाई की भनक लगने के बाद आरोपियों और उनके परिवार के सदस्यों ने अवैध शराब और निर्माण में इस्तेमाल सामग्री को जलाकर नष्ट करने की कोशिश की। इसके बावजूद पुलिस ने मौके से बड़ी मात्रा में सामान बरामद किया।

पुलिस ने करीब 147 लीटर शराब, 164 बोतलें, 27 हीटर, 170 के आसपास ढक्कन, 150 लेबल, शराब मापने का उपकरण, फेविकोल, टेप, ब्लेड और शराब भरने के उपकरण समेत अन्य सामग्री जब्त की है।

गांव-गांव पहुंचाई गई थी नकली शराब

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने अपने लोगों के जरिए नौराज, गूगरा, पाटन, छापरी और आसपास के गांवों में नकली शराब पहुंचाई थी। शराब को आम लोगों के लिए करीब 50 रुपये में, जबकि ढाबों के लिए लगभग 30 रुपये में उपलब्ध कराया जाता था।

मामले में 29 लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। सरकार की ओर से पहले ही मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए जा चुके हैं।

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