11 Sep 2026, Fri
Breaking

धमतरी में धर्मांतरित परिवार की समाज में वापसी: पैर धोए, गंगाजल छिड़का, तुलसी पत्र खिलाया; महिला का हिंदू रीति से अंतिम संस्कार

धमतरी, 11 सितम्बर 2026

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के नवागांव में एक धर्मांतरित महिला की मौत के बाद अंतिम संस्कार को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। ग्रामीणों और समाज के लोगों ने परिवार पर धर्म परिवर्तन के बाद गांव की परंपराओं से अलग रहने का आरोप लगाया। कई घंटे तक चली बैठक के बाद परिवार ने समाज के साथ रहने और महिला का हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार करने पर सहमति जताई।

सहमति बनने के बाद ग्रामीणों और समाज के लोगों ने परिवार के सदस्यों के पैर धोए। इसके बाद गंगाजल का छिड़काव किया गया, तुलसी पत्र खिलाया गया और तिलक लगाया गया। गांव के मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद महिला का हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार किया गया। मामला सिहावा थाना क्षेत्र का है।

करीब 8 साल से ईसाई मिशनरी से जुड़ा था परिवार

नवागांव निवासी पियन साहू (55) का अचानक निधन हो गया था। वह तलाकशुदा थीं और अपने भाई के साथ रहती थीं। परिवार ने अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू की, लेकिन ग्रामीणों और समाज के लोगों ने कहा कि अंतिम संस्कार गांव और समाज की परंपरा के अनुसार किया जाना चाहिए।

मृतका के भाई उमेश साहू ने बताया कि उनका परिवार करीब 8 साल से ईसाई मिशनरी से जुड़ा हुआ था। ग्रामीणों और समाज के लोगों का आरोप था कि परिवार पिछले कुछ वर्षों से समाज के रीति-रिवाजों के अनुसार होने वाले कार्यक्रमों में शामिल नहीं होता था। इसी बात को लेकर अंतिम संस्कार के दौरान विवाद की स्थिति बनी।

अंतिम संस्कार को लेकर हुआ विवाद

ग्रामीणों का कहना था कि गांव में किसी व्यक्ति की मौत होने पर पूरा गांव अंतिम संस्कार की तैयारियों में सहयोग करता है। इसके लिए लकड़ी समेत अन्य जरूरी सामान जुटाया जाता है और समाज के लोग भी अंतिम संस्कार में शामिल होते हैं। परिवार के समाज से अलग रहने के कारण इस बार सहयोग और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को लेकर विवाद हुआ।

पढ़ें   देश और छत्तीसगढ़ के लिए 2024 रहा ऐतिहासिक: एक साल में रखी विकसित छत्तीसगढ़ की नींव, पीएम मोदी की गारंटियों को पूरा कर बनाई विकास की पृष्ठभूमि: डिप्टी सीएम अरुण साव

विवाद बढ़ने के बाद सरपंच, ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष और समाज के प्रमुख लोगों ने परिवार के साथ बैठक की। कई घंटे तक चली बातचीत के बाद परिवार ने हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार करने पर सहमति जताई।

समाज के साथ रहने पर बनी सहमति

बैठक में परिवार ने आगे से गांव और समाज के कार्यक्रमों में शामिल होने की बात भी कही। इसके बाद ग्रामीणों और समाज के लोगों की मौजूदगी में महिला का हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किया गया।

सहमति के बाद परिवार को समाज में दोबारा शामिल करने की प्रक्रिया भी पूरी की गई। गांव के मंदिर में पूजा-अर्चना कराई गई। इसके बाद नारियल फोड़ा गया, प्रसाद बांटा गया और गंगाजल का छिड़काव किया गया। परिवार के सदस्यों को तुलसी का पत्ता भी खिलाया गया।

मृतका के भाई उमेश साहू ने बताया कि अंतिम संस्कार के समय विवाद की स्थिति बनी थी। बैठक में परिवार के सामने समाज के साथ रहने की बात रखी गई, जिस पर परिवार ने सहमति जताई।

Share

 

 

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed