26 Oct 2026, Mon
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रायपुर में लड़ते सांडों ने बुजुर्ग महिला को पटका, VIDEO: सब्जी खरीदते समय हादसा; 8 महीने पहले हुआ था रीढ़ का ऑपरेशन

रायपुर, 11 सितम्बर 2026। शहर में आवारा मवेशियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार सुबह आमानाका-कुकरबेड़ा इलाके में तीन सांडों की लड़ाई के दौरान 62 वर्षीय महिला इसकी चपेट में आ गईं। महिला घर के बाहर ठेले से सब्जी खरीद रही थीं, तभी बेकाबू सांडों की टक्कर से वे सड़क पर गिर गईं। पूरी घटना घर के बाहर लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई।

घायल महिला की पहचान बरखा मोगरे के रूप में हुई है। हादसे में उनके कंधे पर गंभीर चोट आई है। बताया गया कि करीब 8 महीने पहले उनकी रीढ़ की हड्डी की सर्जरी हुई थी और वे अभी पूरी तरह ठीक नहीं हुई थीं।

सब्जी खरीदते समय हुआ हादसा

परिजनों के मुताबिक, बरखा मोगरे सुबह करीब 8:30 बजे घर के बाहर सब्जी खरीदने पहुंची थीं। वे ठेले के पास खड़ी थीं, तभी पास में तीन सांड आपस में लड़ने लगे। कुछ ही देर में सांड बेकाबू होकर ठेले की ओर दौड़े। एक सांड ठेले से टकराया और उसकी चपेट में बरखा भी आ गईं।

टक्कर इतनी तेज थी कि महिला सड़क पर गिर गईं। इसके बाद भी सांडों की लड़ाई जारी रही और वे भागते हुए महिला के घर के अंदर तक पहुंच गए।

बेटे ने कहा- मां अभी पूरी तरह ठीक नहीं हुई थीं

बरखा के बेटे जयंत मोगरे ने बताया कि उनकी मां की रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन हुआ था और इसके बाद से वे लगातार रिकवरी कर रही थीं। हादसे में कंधे पर चोट के अलावा उन्हें अंदरूनी चोट भी आई है। घटना के बाद से उनकी मां काफी डरी हुई हैं।

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जयंत ने कहा कि सड़कों पर खुले घूमने वाले आवारा सांडों से लोगों की जान को खतरा बना हुआ है। बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह खतरा और ज्यादा गंभीर है। उन्होंने नगर निगम से आवारा मवेशियों पर कार्रवाई करने की मांग की।

लंबे समय से आवारा मवेशियों से परेशान लोग

स्थानीय लोगों का कहना है कि कुकरबेड़ा बोहरा मस्जिद इलाके में लंबे समय से आवारा मवेशियों का जमावड़ा रहता है। सांड अक्सर सड़क और रिहायशी इलाकों में घूमते रहते हैं और कई बार आपस में लड़ते हुए राहगीरों को भी चपेट में ले लेते हैं।

स्थानीय निवासी किशन लाला ने आरोप लगाया कि नगर निगम में शिकायतें किए जाने के बावजूद आवारा मवेशियों को पकड़ने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय समय रहते आवारा मवेशियों पर कार्रवाई करनी चाहिए।

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