रायपुर, 11 सितम्बर 2026। सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर तीन लोगों से 3.78 लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोपी ने खुद को मंत्री और अधिकारियों का करीबी बताकर लोगों को नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। मामले में टिकरापारा थाना पुलिस ने छत्तीसगढ़ नगर निवासी धन्नू राम ध्रुव की शिकायत पर प्रमोद केशरवानी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायत के मुताबिक, प्रमोद वर्ष 2023 में धन्नू राम के घर के पास किराये से रहता था। वह अक्सर अधिकारियों के साथ आने-जाने और अपनी ऊंची पहुंच होने की बात करता था। इसी दौरान उसने छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व विभाग में भर्ती की जानकारी देते हुए सरकारी नौकरी लगवाने का दावा किया।

धन्नू राम के साढ़ू के भांजे परमेश्वर मरकाम को नौकरी की जरूरत थी। इसकी जानकारी मिलने पर प्रमोद ने उसके शैक्षणिक दस्तावेज मंगवाए और नौकरी लगवाने के लिए 2.50 लाख रुपये खर्च होने की बात कही। इसके बाद परमेश्वर के परिवार ने 20 हजार रुपये फोन-पे के जरिए आरोपी के खाते में भेजे। फिर 30 सितंबर 2023 को छत्तीसगढ़ नगर में 2.10 लाख रुपये नकद दिए गए।

रकम लेने के बाद आरोपी ने परमेश्वर की कवर्धा तहसील कार्यालय में नौकरी लगने का दावा किया और अंग्रेजी में ज्वाइनिंग संबंधी पत्र भी दिया। परमेश्वर ने वहां करीब चार महीने काम किया, लेकिन उसे वेतन नहीं मिला।
दो रिश्तेदारों से भी लिए 50-50 हजार
धन्नू राम के अनुसार, आरोपी की बातों पर भरोसा करके उन्होंने अपने दो भांजों मिथुन मरकाम और अमित छेदाईया की शराब दुकान में सेल्समैन की नौकरी लगवाने के लिए भी 50-50 हजार रुपये दिए। दोनों से कुल एक लाख रुपये नकद लिए गए।
रकम लेने के बाद प्रमोद लगातार नौकरी लगवाने का आश्वासन देता रहा, लेकिन दोनों की नौकरी नहीं लगी। बाद में धन्नू राम और उनके रिश्तेदारों ने आरोपी से संपर्क करने की कोशिश की तो उसका मोबाइल बंद मिला।
काफी प्रयास के बाद भी संपर्क नहीं होने पर धन्नू राम ने टिकरापारा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी से जुड़े दस्तावेज, पैसों के लेन-देन और नौकरी लगवाने के नाम पर किए गए संपर्कों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है।




