रायपुर, 11 सितंबर 2026
भाठागांव स्थित उर्मिला मेमोरियल हॉस्पिटल में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक पोला पर्व को उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ बैल पूजा से हुई। अस्पताल के स्टाफ ने छत्तीसगढ़ी संस्कृति और परंपराओं को जीवंत करते हुए पर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

मेडिकल डायरेक्टर डॉ. विनोद सिंह ने कहा कि पोला केवल त्योहार नहीं, बल्कि किसान और पशुधन के बीच के अटूट प्रेम, सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की कृषि प्रधान संस्कृति में पोला का विशेष महत्व है।


अस्पताल की डायरेक्टर नम्रता सिंह और डॉ. विनोद सिंह ने कहा कि आधुनिकता की दौड़ में अपनी जड़ों और परंपराओं को बचाए रखना जरूरी है। पोला जैसे पर्व हमें प्रकृति, कृषि और पशुधन से जुड़े रहने का संदेश देते हैं। ऐसे आयोजन अस्पताल के स्टाफ के बीच आपसी जुड़ाव और नई ऊर्जा भी पैदा करते हैं।
रंगारंग कार्यक्रम, विजेताओं को पुरस्कार
पैरामेडिकल टीम की ओर से रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को अस्पताल प्रबंधन ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के अंत में पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का भी आयोजन किया गया।
इस अवसर पर डॉ. छत्रपाल साहू, डॉ. जिनेश जैन, डॉ. हरीश पारकर, सीओओ कृष्ण कुमार दुबे, एचआर दीप जय, अकाउंटेंट दिलीप सिंह नेताम समेत नर्सिंग, पैरामेडिकल स्टाफ और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। सभी ने एक-दूसरे को पोला पर्व की शुभकामनाएं दीं।




