बिलासपुर, 17 सितम्बर 2026। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में शादी के नाम पर कथित तौर पर फर्जी बायोडाटा और आर्थिक हैसियत का झांसा देने का मामला सामने आया है। एक युवक ने युवती और उसके परिवार के सामने खुद को बीट्स पिलानी से B.Tech पास और जयपुर की कंपनी में 48 लाख रुपए सालाना पैकेज पर काम करने वाला बताया। उसने परिवार के पास 150 से 200 एकड़ जमीन और पिता के कारोबार का सालाना टर्नओवर 88 लाख रुपए होने का भी दावा किया।
शादी के बाद ये दावे कथित तौर पर झूठे निकले। युवती का आरोप है कि युवक और उसके माता-पिता ने शादी से पहले और शादी के दौरान अलग-अलग जरूरतों के नाम पर परिवार से कुल 6.76 लाख रुपए लिए। मामले में कोनी थाना पुलिस ने युवक और उसके माता-पिता के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

हाईस्कूल के बाद 2022 में दोबारा हुई मुलाकात
पुलिस के मुताबिक, मूल रूप से जशपुर की रहने वाली 30 वर्षीय युवती वर्ष 2022 से बिलासपुर में रहकर गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में पीएचडी कर रही है। इसी दौरान उसकी हाईस्कूल में साथ पढ़े हर्षदीप राम जाड़ी से दोबारा मुलाकात हुई। दोनों के बीच बातचीत और मुलाकात का सिलसिला शुरू हुआ।

मई 2024 में हर्षदीप ने युवती के सामने शादी का प्रस्ताव रखा। युवती ने परिवार की सहमति से शादी करने की बात कही। इसके बाद 8 जनवरी 2025 को कोनी स्थित आरजे प्वाइंट कैफे में मुलाकात के दौरान हर्षदीप ने अपना बायोडाटा दिया।
बायोडाटा में 48 लाख पैकेज और 200 एकड़ जमीन का दावा
शिकायत के अनुसार, बायोडाटा में हर्षदीप ने खुद को बीट्स पिलानी से B.Tech पास और जयपुर की एक बड़ी कंपनी में डेटा एनालिस्ट मैनेजर के पद पर कार्यरत बताया था। उसने अपनी सालाना सैलरी 48 लाख रुपए बताई।
इसके अलावा उसके पिता के कारोबार का सालाना टर्नओवर 88 लाख रुपए और परिवार के पास करीब 150 से 200 एकड़ जमीन होने की जानकारी दी गई थी। इन दावों पर भरोसा करके युवती के परिवार ने शादी के लिए सहमति दे दी।
शादी से पहले अलग-अलग खातों में ट्रांसफर हुए पैसे
12 मार्च 2026 को बिलासपुर के होटल पेट्रीशियन में दोनों की शादी हुई। शिकायत में बताया गया है कि शादी का खर्च हर्षदीप के पिता लोधन राम द्वारा उठाने की बात कही गई थी।
आरोप है कि शादी से पहले फरवरी और मार्च में अलग-अलग जरूरतों का हवाला देकर हर्षदीप और उसकी मां राजो जाड़ी के खातों में 4.96 लाख रुपए ट्रांसफर कराए गए। इसके अलावा हर्षदीप के खाते में 60 हजार रुपए भी भेजे गए।
शादी की रात सामने आने लगी हकीकत
शिकायत के मुताबिक, शादी की रात टेंट और कैटरिंग का काम शुरू नहीं हुआ। पूछताछ करने पर संबंधित लोगों ने बताया कि उन्हें केवल 10-10 हजार रुपए एडवांस मिले हैं। इसके बाद युवती के पिता ने कैटरर को 90 हजार रुपए और उसके मामा ने टेंट संचालक को 90 हजार रुपए का भुगतान किया।
अगले दिन होटल से निकलते समय भुगतान नहीं होने पर होटल संचालक ने हर्षदीप की कार रोक ली। इसके बाद हर्षदीप और उसके पिता के मोबाइल फोन बंद हो गए।
पूछताछ में पढ़ाई और नौकरी के दावे पर उठे सवाल
युवती के अनुसार, शक होने पर जब उसने पूछताछ की तो हर्षदीप ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने बीट्स पिलानी से पढ़ाई नहीं की है और उसके पास कोई नौकरी भी नहीं है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि वह अपने पिता के साथ इमू पक्षी के तेल का कारोबार करता है।
शादी में मिले जेवरों की जांच कराने पर उनके भी नकली होने का आरोप लगाया गया।
जशपुर में शिकायत, बिलासपुर पुलिस ने दर्ज किया केस
युवती ने मामले की शिकायत जशपुर में दर्ज कराई थी। वहां पुलिस ने शून्य पर रिपोर्ट दर्ज कर केस डायरी बिलासपुर पुलिस को भेजी। इसके बाद बिलासपुर की कोनी थाना पुलिस ने हर्षदीप राम जाड़ी, उसके पिता लोधन राम जाड़ी और मां राजो जाड़ी के खिलाफ मामला दर्ज किया।
पुलिस अब फर्जी बायोडाटा, पैसों के लेन-देन, शादी के खर्च और कथित नकली जेवरों से जुड़े आरोपों की जांच कर रही है।




