रायपुर, 18 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए राज्य स्तरीय AI Conclave का आयोजन किया गया। राजधानी रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के प्रभावी उपयोग पर विशेषज्ञों ने विचार साझा किए।
स्कूल शिक्षा विभाग और समग्र शिक्षा के अंतर्गत आयोजित इस कॉन्क्लेव में शिक्षा व्यवस्था को तकनीक से मजबूत बनाने, स्थानीय जरूरतों के अनुसार AI के उपयोग और विद्यार्थियों के कौशल विकास पर चर्चा हुई। विभाग के अनुसार, विद्यालयीन शिक्षा के स्तर पर AI का सार्थक और प्रभावी उपयोग करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है।

कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने शाला त्यागी यानी ड्रॉपआउट बच्चों को दोबारा स्कूल से जोड़ने के उद्देश्य से विकसित ‘लाईका चिन्हारी’ ऐप का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि कॉन्क्लेव से सामने आए निष्कर्ष शिक्षकों के लिए सहायक साबित होंगे और विद्यार्थियों में कौशल विकास को बढ़ावा देंगे।

स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. कमलजीत सिंह ने कहा कि तकनीकी दौर में AI का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। स्थानीय आवश्यकताओं और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर तालमेल से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि AI शिक्षकों का विकल्प नहीं होगा, बल्कि उनके सहायक साथी के रूप में काम करेगा।
समग्र शिक्षा आयुक्त डॉ. किरण कौशल ने कहा कि AI की मदद से प्रदेश में स्मार्ट क्लास और ICT लैब का अधिक प्रभावी उपयोग किया जा सकेगा। इससे बच्चों तक सरल और सुगम शिक्षा पहुंचाने में मदद मिलेगी।
कॉन्क्लेव में देश-विदेश के कई प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों और कंपनियों के विशेषज्ञों ने भाग लिया। गूगल, वाधवानी एआई, अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट, एडोब, खान एकेडमी, फिजिक्स वाला, आईआईटी भिलाई, आईआईएम रायपुर, एनआईटी रायपुर और चिप्स सहित विभिन्न संस्थानों के विशेषज्ञों ने AI आधारित तकनीकी समाधानों और नवाचारों पर प्रस्तुतियां दीं।
कार्यक्रम के दौरान सामने आए नवाचारों और तकनीकी समाधानों का अध्ययन कर छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग के लिए व्यापक AI रोडमैप तैयार किया जाएगा। यह रोडमैप शिक्षकों के लिए सहायक संसाधन विकसित करने के साथ ही प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से और मजबूत बनाने की दिशा में आधार तैयार करेगा।




