रायपुर, 18 सितम्बर 2026। प्रयास विद्यालय, रायपुर में कक्षा 9वीं के छात्र को कथित तौर पर तंत्र क्रिया में संलिप्तता के आरोप में विद्यालय से बाहर कर टीसी दिए जाने का मामला छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के संज्ञान में आया है। मामले में छात्र के पालक ने विद्यालय प्रबंधन पर उचित प्रक्रिया का पालन नहीं करने का आरोप लगाते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की थी।
पालक की ओर से दिए गए आवेदन में बताया गया कि छात्र को विद्यालय से निष्कासित करते हुए टीसी जारी कर दी गई। इसके पीछे छात्र के तंत्र क्रिया में संलिप्त होने का कथित आरोप बताया गया है। हालांकि, इस आरोप की अब तक कोई पुष्टि नहीं हुई है। आवेदन में यह भी कहा गया कि पालक को समुचित जानकारी दिए बिना छात्र को कक्षा से बाहर कर टीसी प्रदान की गई।

मामले को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005 की धारा 13(1)(ज) एवं धारा 14 के तहत प्रकरण का संज्ञान लिया है। आयोग ने सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास, रायपुर को मामले की विस्तृत जांच कर तथ्यात्मक एवं लिखित प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास से दूरभाष पर चर्चा कर मामले में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए। आयोग ने छात्र की टीसी निरस्त करने और उसकी पढ़ाई दोबारा जारी रखने के संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए हैं, ताकि किसी भी स्थिति में उसकी शिक्षा प्रभावित न हो।
21 सितंबर को प्राचार्य-अधीक्षक होंगे तलब
मामले की जांच के लिए प्रयास विद्यालय, रायपुर के प्राचार्य एवं अधीक्षक को 21 सितंबर 2026 को दोपहर 2 बजे आयोग कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। दोनों अधिकारियों को संबंधित दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष प्रस्तुत करना होगा।
आयोग अध्यक्ष ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि प्रकरण के अंतिम निराकरण तक छात्र के शैक्षणिक हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उसकी पढ़ाई निर्बाध रूप से जारी रखी जाए। आयोग की कार्रवाई के बाद अब विद्यालय प्रबंधन द्वारा छात्र की टीसी और पढ़ाई से जुड़े मामले में आगे की प्रक्रिया जांच के आधार पर तय होगी।




