26 Sep 2026, Sat
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विशेष लेख : कागजी उलझनों से मुक्ति की ओर छत्तीसगढ़, 19,805 गांवों में डिजिटल सर्वे पूरा; किसानों को जमीन के काम में मिलेगी राहत

रायपुर, 26 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों में किसानों तथा भू-स्वामियों को अब जमीन से जुड़े कामों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत मिल रही है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत प्रशासन ने आधुनिक तकनीक और डिजिटल सर्वेक्षण के जरिए राजस्व संबंधी सेवाओं को लोगों के घर-द्वार तक पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।

नामांतरण, भूमि सीमांकन, फसल बीमा का क्लेम, कृषि ऋण और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) जैसे कार्यों के लिए पहले किसानों को तहसील, राजस्व अनुविभागीय अधिकारी और पटवारी कार्यालयों के कई चक्कर लगाने पड़ते थे। इससे समय और धन की परेशानी के साथ-साथ भूमि संबंधी विवाद और बिचौलियों के हस्तक्षेप की समस्या भी बनी रहती थी।

आधुनिक तकनीक से बदली राजस्व व्यवस्था

“सेवा का संकल्प, सेवा पहुँची आपके द्वार” के मूलमंत्र के साथ प्रशासन ने राजस्व व्यवस्था में तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया है। अब किसान और भू-स्वामी अपनी भूमि संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए केवल कार्यालयों पर निर्भर नहीं हैं। प्रशासनिक अमला GPS उपकरणों, डिजिटल तकनीक और प्रशिक्षित सर्वेयरों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच रहा है।

इस पहल का उद्देश्य भूमि संबंधी रिकॉर्ड को अधिक सटीक, पारदर्शी और अद्यतन बनाना है। इससे शासन और ग्रामीणों के बीच की दूरी कम करने के साथ ही राजस्व सेवाओं को सरल बनाने में मदद मिल रही है।

19,805 गांवों में डिजिटल सर्वे पूरा

अभियान के तहत प्रदेश के सभी 33 जिलों के 20,551 राजस्व ग्रामों में डिजिटल सर्वेक्षण का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से 19,805 गांवों यानी लगभग 96.37 प्रतिशत गांवों में डिजिटल सर्वे का काम पूरा किया जा चुका है।

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मैदानी क्षेत्रों के कई प्रमुख जिलों में डिजिटल सर्वे का शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया गया है। इनमें रायपुर, महासमुंद, राजनांदगांव, कबीरधाम, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, सक्ती और सूरजपुर शामिल हैं।

बस्तर के दुर्गम क्षेत्रों में भी सर्वे जारी

बस्तर संभाग के दुर्गम, वनांचल और संवेदनशील क्षेत्रों में भी डिजिटल सर्वेक्षण का काम लगातार जारी है। नारायणपुर, सुकमा और बीजापुर जैसे क्षेत्रों में अत्याधुनिक ड्रोन कैमरों और हाई-प्रिसिजन GPS तकनीक का इस्तेमाल कर शेष गांवों को सटीक रूप से डिजिटल मानचित्र पर दर्ज किया जा रहा है।

दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद इन क्षेत्रों में सर्वेक्षण का काम तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

भूमि विवादों और रिकॉर्ड की समस्या से राहत

डिजिटल नक्शों और सटीक सीमांकन से ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से चले आ रहे भूमि संबंधी विवादों के समाधान में मदद मिल रही है। अद्यतन डिजिटल रिकॉर्ड के कारण जमीन की जानकारी अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध हो सकेगी।

इससे भूमि स्वामियों को अपने रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने में आसानी होगी और राजस्व संबंधी प्रक्रियाओं में अनावश्यक देरी को कम करने में मदद मिलेगी।

कृषि ऋण और योजनाओं का लाभ आसान

सुधारे गए और अद्यतन राजस्व रिकॉर्ड किसानों के लिए कृषि ऋण जैसी सुविधाओं में भी उपयोगी साबित हो रहे हैं। भूमि से संबंधित दस्तावेजों की उपलब्धता और रिकॉर्ड की स्पष्टता से बैंकिंग प्रक्रिया को सरल बनाने में मदद मिल सकती है।

इसके अलावा किसान न्याय योजना, आपदा राहत और फसल बीमा जैसी योजनाओं के लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक समय पर पहुंचाने में डिजिटल रिकॉर्ड महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

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डिजिटल राजस्व रिकॉर्ड की दिशा में बड़ा कदम

‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत डिजिटल सर्वेक्षण को छत्तीसगढ़ की राजस्व व्यवस्था को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इसका लक्ष्य प्रदेश में डिजिटल, पारदर्शी और त्रुटिरहित राजस्व रिकॉर्ड तैयार करना है।

आधुनिक तकनीक के साथ प्रशासनिक सेवाओं को ग्रामीणों के द्वार तक पहुंचाने की यह पहल इस बात पर केंद्रित है कि किसानों और भू-स्वामियों को अपनी जमीन से जुड़े कार्यों के लिए कम से कम कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ें और उन्हें सरल, पारदर्शी एवं तकनीक आधारित सेवाएं उपलब्ध हो सकें।

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