रायपुर, 29 सितंबर 2026
दिल की बीमारी अब उम्र की मोहताज नहीं रही। बदलती जीवनशैली, अनियमित खान-पान, तनाव और शारीरिक गतिविधियों की कमी के चलते कम उम्र में भी हार्ट अटैक का खतरा बढ़ रहा है। इसी गंभीर चुनौती के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से विश्व हृदय दिवस पर रायपुर के उर्मिला मेमोरियल हॉस्पिटल में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. जिनेश जैन ने हृदय को स्वस्थ रखने और हार्ट अटैक से बचाव के उपायों की जानकारी दी।

युवाओं में बढ़ रहे हार्ट अटैक के मामले
संगोष्ठी में डॉ. जिनेश जैन ने कहा कि हृदय रोग अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं हैं। 25 से 45 वर्ष की उम्र के युवाओं में भी हार्ट अटैक के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि भारत में इस आयु वर्ग में हृदयघात के मामले पिछले दशक की तुलना में दोगुने हो गए हैं। ऐसे में हृदय की सेहत को लेकर लापरवाही भारी पड़ सकती है।

सामान्य लक्षणों को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी
डॉ. जैन ने कहा कि हृदय रोगों के कई लक्षण शुरुआत में सामान्य लग सकते हैं, लेकिन इन्हें नजरअंदाज करना जानलेवा साबित हो सकता है। छाती में दर्द, घबराहट और सांस फूलने जैसी समस्याओं को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने 30 वर्ष की उम्र के बाद नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और किसी भी असामान्य लक्षण पर चिकित्सकीय सलाह लेने की आवश्यकता पर जोर दिया।
दिल को स्वस्थ रखने के लिए अपनाएं ये 10 उपाय
संगोष्ठी में डॉ. जिनेश जैन ने हृदय को स्वस्थ रखने के लिए लोगों को अपनी दिनचर्या में 10 जरूरी बदलाव शामिल करने की सलाह दी।
- रोजाना 30 मिनट व्यायाम करें: प्रतिदिन तेज गति से पैदल चलने, योग या अन्य शारीरिक गतिविधियों के लिए समय निकालें।
- संतुलित आहार लें: तली-भुनी चीजों, जंक फूड और अधिक नमक व चीनी के सेवन से बचें।
- धूम्रपान और शराब से बचें: ये हृदय रोगों के प्रमुख जोखिम कारक हैं।
- वजन नियंत्रित रखें: नियमित व्यायाम और संतुलित आहार से वजन को नियंत्रण में रखें।
- बीपी और शुगर की जांच कराएं: नियमित रूप से रक्तचाप और ब्लड शुगर की जांच कराएं।
- तनाव से दूर रहें: योग, ध्यान और पर्याप्त नींद को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।
- पर्याप्त पानी पिएं: शीतल पेय की जगह सादा पानी पीने की आदत डालें।
- कोलेस्ट्रॉल पर नजर रखें: समय-समय पर लिपिड प्रोफाइल की जांच कराएं।
- शारीरिक रूप से सक्रिय रहें: लंबे समय तक एक ही जगह बैठने से बचें और रोजमर्रा के कामों में सक्रिय रहें।
- लक्षणों को नजरअंदाज न करें: छाती में दर्द या सांस लेने में परेशानी होने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता लें।
अस्पताल प्रबंधन और स्थानीय नागरिक रहे मौजूद
कार्यक्रम में अस्पताल की डायरेक्टर नम्रता सिंह, मेडिकल डायरेक्टर डॉ. विनोद सिंह, सीओओ कृष्णा दुबे, पैरामेडिकल टीम के सदस्य और भाठागांव के स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। संगोष्ठी के माध्यम से लोगों को हृदय रोगों के प्रति जागरूक करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया।




