30 Sep 2026, Wed
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अब घरों से कचरा उठाने का सिस्टम बदलेगा: रायपुर में 4 डस्टबिन सेग्रीगेशन, शहर को चार समूहों में बांटकर होगी निगरानी

रायपुर, 30 सितम्बर 2026। भारत सरकार ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 अधिसूचित कर दिए हैं। नए नियम लागू होने के बाद रायपुर में कचरा सेग्रीगेशन की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया जाएगा। अब घरों और संस्थानों में गीले और सूखे कचरे के लिए इस्तेमाल होने वाले दो डस्टबिन की जगह चार डस्टबिन रखने होंगे।

रायपुर नगर निगम आयुक्त साबित मिश्रा ने बताया कि नए प्रावधानों के तहत कचरे को शुष्क, आर्द्र, स्वच्छता अपशिष्ट और भारी धातु अपशिष्ट की चार श्रेणियों में अलग-अलग किया जाएगा।

बल्क वेस्ट जनरेटर की बढ़ेगी जिम्मेदारी

नए नियमों के तहत बड़ी मात्रा में कचरा पैदा करने वाले व्यावसायिक संस्थानों और अन्य प्रतिष्ठानों को बल्क वेस्ट जनरेटर की श्रेणी में रखा गया है। ऐसे संस्थानों के लिए कचरा प्रबंधन को लेकर अतिरिक्त जिम्मेदारियां तय की गई हैं।

नगर निगम के मुताबिक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन किया जाएगा। इससे कचरे के संग्रहण से लेकर निपटारे तक की प्रक्रिया की ऑनलाइन ट्रैकिंग और निगरानी की जा सकेगी।

नियम तोड़ने पर पर्यावरणीय भुगतान

नए नियमों में ‘प्रदूषण भुगतान सिद्धांत’ (Polluter Pays Principle) के आधार पर कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। निर्धारित कचरा प्रबंधन नियमों का पालन नहीं करने वाले व्यक्ति या संस्था पर पर्यावरणीय भुगतान लगाया जा सकता है।

चार समूहों में बांटा जाएगा रायपुर

नए सिस्टम के तहत रायपुर शहर को चार समूहों में बांटकर कचरा प्रबंधन व्यवस्था की निगरानी की जाएगी। संबंधित क्षेत्रों के प्रदर्शन के आधार पर भुगतान की व्यवस्था प्रस्तावित है। वहीं केंद्रीय नियंत्रण केंद्र के माध्यम से पूरे सिस्टम की निगरानी की जाएगी।

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जागरूकता अभियान चलाएगा नगर निगम

नए नियमों को लेकर नगर निगम शहरवासियों और व्यवसायिक संस्थानों के बीच जागरूकता अभियान चलाएगा। इसमें लोगों को चार श्रेणियों में कचरा अलग करने, डस्टबिन के सही इस्तेमाल और नए कचरा प्रबंधन नियमों की जानकारी दी जाएगी।

रायपुर-बिलासपुर समेत 50 शहर योजना में शामिल

भारत सरकार ने ‘प्रगति 50’ नाम से नई योजना शुरू की है। इसके तहत छत्तीसगढ़ के रायपुर और बिलासपुर समेत देश के 50 शहरों को शामिल किया गया है। योजना के जरिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित, डिजिटल और निगरानी आधारित बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

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