23 Oct 2026, Fri
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विशेष लेख: राज्योत्सव-2026 में सुशासन पर फोकस, सेवा सेतु से सरकारी सेवाएं होंगी आसान, 16,773 सेवा केंद्रों का नेटवर्क तैयार

रायपुर, 23 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में सरकारी सेवाओं को आम नागरिकों के लिए सरल, सुलभ और पारदर्शी बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में सेवा सेतु डिजिटल प्रशासन की एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया है। इसके माध्यम से प्रदेश के 38 विभागों की 939 शासकीय सेवाओं को एक मंच पर उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि नागरिकों को छोटे-छोटे सरकारी कामों के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

राज्योत्सव-2026 के अवसर पर सेवा सेतु की यह पहल छत्तीसगढ़ में डिजिटल गवर्नेंस और नागरिक-केंद्रित प्रशासन को बढ़ावा देने के प्रयासों को रेखांकित करती है।

38 विभागों की 939 सेवाएं, 16,773 सेवा केंद्रों का नेटवर्क

सेवा सेतु के अंतर्गत प्रदेश के 38 विभागों की 939 शासकीय सेवाएं उपलब्ध हैं। नागरिकों तक इन सेवाओं की पहुंच आसान बनाने के लिए राज्यभर में 16,773 सेवा केंद्रों का नेटवर्क तैयार किया गया है।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, सेवा सेतु के माध्यम से अब तक ऑनलाइन प्राप्त 55 लाख 13 हजार 672 आवेदनों पर कार्यवाही जारी है। वहीं, इस व्यवस्था के संचालन के लिए 21,582 अधिकारी-कर्मचारी ऑनबोर्ड हैं।

ये आंकड़े राज्य में डिजिटल माध्यम से सरकारी सेवाओं को व्यापक स्तर पर उपलब्ध कराने के प्रयासों को दर्शाते हैं।

आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन

सेवा सेतु के माध्यम से नागरिक आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र, विवाह पंजीयन तथा गुमास्ता लाइसेंस सहित विभिन्न शासकीय सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

एक ही डिजिटल मंच पर कई सेवाएं उपलब्ध होने से नागरिकों को अलग-अलग कार्यालयों में जाने की आवश्यकता कम हो सकती है। इससे आवेदन प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक बनने के साथ ही समय और संसाधनों की बचत में भी मदद मिल सकती है।

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डिजिटल व्यवस्था से पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा

सेवा सेतु का उद्देश्य केवल ऑनलाइन आवेदन की सुविधा देना नहीं, बल्कि सरकारी सेवाओं की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाना भी है। डिजिटल माध्यम से आवेदनों को संबंधित विभागों और अधिकारियों तक पहुंचाने तथा उनकी स्थिति पर नजर रखने में सहायता मिलती है।

इस व्यवस्था से नागरिकों को अपनी जरूरत के अनुसार शासकीय सेवाओं तक पहुंचने का सुविधाजनक विकल्प मिलता है। साथ ही, प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक जवाबदेह बनाने और आवेदनों के समयबद्ध निराकरण को प्रोत्साहित करने में भी मदद मिल सकती है।

ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों के नागरिकों को राहत की उम्मीद

छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को कई बार सरकारी कामों के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे में सेवा सेतु से जुड़ा सेवा केंद्रों का नेटवर्क महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

जिन नागरिकों को ऑनलाइन आवेदन करने में परेशानी होती है, वे सेवा केंद्रों के माध्यम से आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं। इससे डिजिटल सेवाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने में सहायता मिल सकती है।

हालांकि, इस व्यवस्था का वास्तविक लाभ आवेदन प्रक्रिया की सरलता, सेवा केंद्रों की उपलब्धता और आवेदनों के समयबद्ध निराकरण पर भी निर्भर करेगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुशासन पर जोर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का जोर सरकारी सेवाओं को आम नागरिकों के लिए अधिक सुलभ बनाने पर है। सेवा सेतु इसी दिशा में एक ऐसा माध्यम है, जो डिजिटल तकनीक के जरिए शासन और जनता के बीच की दूरी कम करने का प्रयास करता है।

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इस पहल को प्रभावी बनाने के लिए सेवाओं का सुचारु संचालन, लंबित आवेदनों का निराकरण और नागरिकों में डिजिटल सुविधाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना महत्वपूर्ण है।

सेवा सेतु का मूल उद्देश्य सरकारी सेवाओं को आम नागरिक तक सरल, सुलभ और पारदर्शी तरीके से पहुंचाना है। राज्योत्सव-2026 के अवसर पर यह पहल छत्तीसगढ़ में डिजिटल प्रशासन को मजबूत बनाने और जनहितकारी सुशासन को बढ़ावा देने के प्रयासों का महत्वपूर्ण उदाहरण है।


 

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