रायपुर, 26 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ भाजपा की प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी ने अपने पहले छत्तीसगढ़ प्रवास के दूसरे दिन सोमवार को पार्टी के सांसदों के साथ बैठक की। बैठक में संगठन और सरकार के कामकाज को बेहतर बनाने, जनप्रतिनिधियों की भूमिका और केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में सांसदों से सुझाव लेने के साथ उनके लोकसभा क्षेत्रों में योजनाओं के क्रियान्वयन का फीडबैक भी लिया गया।
संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल पर जोर
बैठक के बाद सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि संगठन और सरकार का कामकाज बेहतर बनाने के लिए सुझाव मांगे गए। स्मृति ईरानी ने भी कार्यप्रणाली को प्रभावी बनाने के लिए अपने विचार रखे। बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि सत्ता में रहने के दौरान संगठन, सांसदों, विधायकों और कार्यकर्ताओं की क्या भूमिका होनी चाहिए।

बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि संगठन और सरकार को मिलकर काम करना होगा। दोनों के बीच बेहतर समन्वय रहने से ही जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरा जा सकता है और आने वाले समय में फिर से सरकार बनाकर जनता की सेवा करने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

सांसदों से वन-टू-वन चर्चा, योजनाओं का लिया फीडबैक
सांसद विजय बघेल ने बताया कि स्मृति ईरानी ने सांसदों के साथ वन-टू-वन चर्चा की और उनसे फीडबैक लिया। बैठक में इस बात पर विस्तार से चर्चा हुई कि उनके-अपने लोकसभा क्षेत्रों में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएं किस तरह लागू हो रही हैं और उनका लाभ आम लोगों तक कितना पहुंच रहा है।
उन्होंने कहा कि सांसदों ने विभिन्न मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। बैठक का उद्देश्य योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति समझने के साथ-साथ संगठन और सरकार के कामकाज में सुधार के लिए जरूरी सुझाव प्राप्त करना भी था।
विचारधारा को धरातल पर उतारने पर मंथन
राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा ने बताया कि बैठक में भाजपा की विचारधारा को जमीनी स्तर पर लागू करने और सत्ता व संगठन के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर मंथन हुआ। स्मृति ईरानी ने जनप्रतिनिधियों से सुझाव मांगे और सांसदों ने भी अपने विचार साझा किए।
लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि स्मृति ईरानी छत्तीसगढ़ की स्थिति से परिचित हैं और उन्हें विश्वास है कि वह संगठन की जिम्मेदारी को प्रभावी ढंग से निभाएंगी।
कुल मिलाकर, स्मृति ईरानी के प्रवास के दूसरे दिन हुई इस बैठक में संगठन की मजबूती, सरकार के कामकाज में सुधार, जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया।


