रायपुर, 27 अक्टूबर। बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवात अर्नब प्रचंड चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया है। तूफान तेजी से तटीय इलाकों की ओर बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यानम के तट पर बापटला से विशाखापत्तनम के बीच इसके लैंडफॉल करने की आशंका है। इस दौरान हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। चक्रवात के प्रभाव से आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी बारिश शुरू हो गई है। वहीं, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, बिहार और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में भी मौसम बिगड़ने की चेतावनी जारी की गई है।
आंध्र प्रदेश के 16 जिलों में अलर्ट, तटीय इलाकों पर सबसे ज्यादा खतरा
चक्रवात अर्नब का सबसे ज्यादा असर आंध्र प्रदेश में देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने राज्य के 16 जिलों में अलर्ट जारी किया है। विशाखापत्तनम में ऑरेंज अलर्ट के बीच बारिश शुरू हो गई है। अगले कुछ घंटों में श्रीकाकुलम, विजयनगरम और अनकापल्ली में हल्की बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की आशंका है।

श्रीकाकुलम, विशाखापत्तनम, काकीनाडा, पूर्वी गोदावरी, पश्चिमी गोदावरी, कृष्णा, गुंटूर, बापटला, प्रकाशम और नेल्लोर सहित तटीय जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा बना हुआ है। इन क्षेत्रों में रेड अलर्ट जारी किए जाने की जानकारी दी गई है।

तेज हवाओं के कारण पेड़ उखड़ने, बिजली के खंभे गिरने और कमजोर मकानों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं और तटीय इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। धान और बागवानी फसलों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है।
मछुआरों को समुद्र में जाने से रोका, गर्भवती महिलाओं को अस्पतालों में शिफ्ट किया जा रहा
चक्रवात के खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। मछुआरों को समुद्र में जाने से रोक दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, 30 हजार से ज्यादा मछली पकड़ने वाली नौकाओं को सुरक्षित बंदरगाहों तक पहुंचाया गया है।
संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए गर्भवती महिलाओं को अस्पतालों में शिफ्ट किया जा रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा और राहत व्यवस्था मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
ओडिशा में भारी बारिश से जलभराव, स्कूल और नावों का संचालन बंद
चक्रवात अर्नब का असर ओडिशा में भी दिखाई देने लगा है। पुरी में भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई है। खुर्दा में भी बारिश दर्ज की गई है। सुरक्षा के मद्देनजर नावों का संचालन तीन दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। वहीं, कई क्षेत्रों में स्कूल भी बंद रखे गए हैं।
मौसम विभाग ने दक्षिण ओडिशा के जिलों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है। भद्रक, कटक, गजपति, गंजाम, जगतसिंहपुर, जाजपुर, कंधमाल, केंद्रपाड़ा, खुर्दा, कोरापुट, मलकानगिरी, नयागढ़, पुरी और रायगढ़ा के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट, कई राज्यों में मौसम बिगड़ने की आशंका
चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, पुडुचेरी, बिहार और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में बारिश की चेतावनी जारी की है। छत्तीसगढ़ और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किए जाने की जानकारी दी गई है।
वहीं, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पूर्वी मध्य प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट बताया गया है। बिहार, झारखंड, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, मध्य महाराष्ट्र और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में यलो अलर्ट जारी किया गया है।
अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी चक्रवात के खतरे को देखते हुए मंगलवार तक स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की दी सलाह
चक्रवात के संभावित प्रभाव को देखते हुए तटीय क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। तेज हवाओं, भारी बारिश और जलभराव से जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। मौसम की स्थिति को देखते हुए लोगों को प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
नोट: चक्रवात का मार्ग, लैंडफॉल का समय और अलर्ट की स्थिति मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार बदल सकती है।


