रायपुर / देहरादून, 23 अक्टूबर। रायपुर में पली-बढ़ीं सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट सुगंधा जैन ने देहरादून स्थित भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) में कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम को लेकर विशेष प्रशिक्षण दिया। 22 और 23 अक्टूबर को आयोजित इस दो दिवसीय अनिवार्य प्रशिक्षण में संस्थान के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा, उनके अधिकारों और शिकायत निवारण की प्रक्रिया के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
इंटरैक्टिव सेशन बना खास आकर्षण
प्रशिक्षण सत्र की सबसे खास बात इसका इंटरैक्टिव स्वरूप रहा। सत्र के दौरान कर्मचारियों को खुलकर अपनी बात रखने, सवाल पूछने और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त करने का अवसर मिला। प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी के चलते इसे संस्थान के सबसे अधिक इंटरैक्टिव प्रशिक्षण सत्रों में से एक बताया गया।

POSH एक्ट के प्रावधानों की दी जानकारी
एडवोकेट सुगंधा जैन ने प्रशिक्षण के दौरान POSH एक्ट, 2013 के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की परिभाषा, आंतरिक समिति (Internal Committee) के गठन और उसकी कार्यप्रणाली के बारे में समझाया।

इसके साथ ही उन्होंने यौन उत्पीड़न से संबंधित शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया, शिकायतकर्ता के अधिकारों और शिकायतों के निवारण से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कार्यस्थल पर सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित करने के लिए कानून के प्रावधानों की जानकारी होना आवश्यक है।
कर्मचारियों की भागीदारी से प्रभावी रहा प्रशिक्षण
दो दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों ने विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे और अपनी शंकाओं का समाधान प्राप्त किया। संवादात्मक तरीके से आयोजित इस सत्र ने कर्मचारियों को POSH कानून को बेहतर ढंग से समझने का अवसर दिया।
रायपुर में पढ़ी-बढ़ीं सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट सुगंधा जैन द्वारा देहरादून के प्रतिष्ठित भारतीय वन्यजीव संस्थान में प्रशिक्षण दिया जाना उनके पेशेवर योगदान को रेखांकित करता है। इस पहल के माध्यम से कार्यस्थल पर सुरक्षित, संवेदनशील और सम्मानजनक वातावरण बनाने की दिशा में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।


