रायपुर, 28 अक्टूबर। बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के संभावित प्रभाव को देखते हुए छत्तीसगढ़ में प्रशासन अलर्ट मोड पर है। प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 28 अक्टूबर को कई जिलों में स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित किया गया है। मौसम की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
कई जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित
चक्रवात के संभावित प्रभाव को देखते हुए दंतेवाड़ा, बीजापुर, बालोद, कांकेर, राजनांदगांव और मोहला-मानपुर समेत कई जिलों में स्कूलों में छुट्टी के आदेश जारी किए गए हैं। वहीं, धमतरी जिले में सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है।

धमतरी में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी होने के बाद प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। जिले में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका जताई गई है।

बालोद में विद्यार्थियों को छुट्टी, शिक्षकों को आना होगा
बालोद जिले में सभी शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में 28 अक्टूबर को अवकाश घोषित किया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने इस संबंध में आदेश जारी किया है।
हालांकि, यह अवकाश केवल विद्यार्थियों के लिए है। शिक्षकों और अन्य संबंधित कर्मचारियों के लिए छुट्टी के संबंध में अलग निर्देश लागू हो सकते हैं। इसलिए संबंधित स्कूलों को जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार कार्य करना होगा।
अगले दो दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने चक्रवात के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में अगले दो दिनों तक भारी से अति भारी बारिश की आशंका जताई है। इसके साथ ही तेज हवाएं चलने, आंधी-तूफान आने और बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है।
कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 50 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका जताई गई है। मौसम में संभावित बदलाव के कारण निचले इलाकों में जलभराव और सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है।
प्रशासन ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील
खराब मौसम की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने, आंधी के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा मौसम संबंधी आधिकारिक चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अभिभावकों और विद्यार्थियों को अपने जिले के शिक्षा विभाग या जिला प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक आदेशों के अनुसार ही स्कूल खुलने और बंद रहने की जानकारी लेनी चाहिए।


