29 Oct 2026, Thu

छत्तीसगढ़ में 116 नेताओं की सुरक्षा घटाई: केदार कश्यप से दीपक बैज तक को झटका, नक्सलवाद खत्म होते ही बदली सुरक्षा व्यवस्था

रायपुर, 29 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ में सशस्त्र नक्सलवाद समाप्त होने के बाद अब नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। इसी कड़ी में बस्तर संभाग के भाजपा और कांग्रेस से जुड़े 116 नेताओं की सुरक्षा श्रेणी में कटौती किए जाने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि कई नेताओं की सुरक्षा Z+ से Z, Y+ से Y और Z से Y श्रेणी में की गई है। इस संबंध में गृह विभाग की ओर से जल्द आधिकारिक आदेश जारी किया जा सकता है।

केदार कश्यप, दीपक बैज और कवासी लखमा की सुरक्षा भी घटाई गई

मिली जानकारी के अनुसार, भाजपा और कांग्रेस के नौ नेताओं की सुरक्षा Z+ श्रेणी से घटाकर Z श्रेणी की गई है। इनमें छत्तीसगढ़ सरकार के कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप, पूर्व मंत्री महेश गागड़ा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और पूर्व मंत्री कवासी लखमा के नाम शामिल हैं। इसके अलावा बस्तर के कर्मा परिवार को उपलब्ध कराई जा रही सुरक्षा व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है।

सांसदों, विधायकों और पूर्व मंत्रियों की सुरक्षा की समीक्षा

बस्तर क्षेत्र के सांसदों, विधायकों और पूर्व मंत्रियों को उपलब्ध कराई जा रही सुरक्षा व्यवस्था में भी कटौती की जानकारी सामने आई है। सुरक्षा श्रेणी में बदलाव का निर्णय नक्सलवाद के खात्मे के बाद पैदा हुई परिस्थितियों और नेताओं को मौजूदा समय में संभावित खतरे के आकलन के आधार पर लिया गया है।

गृह विभाग जल्द जारी कर सकता है आधिकारिक आदेश

नेताओं की सुरक्षा की समीक्षा के बाद यह बदलाव किए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि, सुरक्षा में कटौती से संबंधित विस्तृत आधिकारिक आदेश जारी होना अभी बाकी है। माना जा रहा है कि गृह विभाग जल्द ही इस संबंध में आदेश जारी कर सकता है।

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समीक्षा के बाद सुरक्षा में कटौती की गई: विजय शर्मा

इस मामले में उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि मार्च 2026 की निर्धारित समयसीमा के तहत छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश से सशस्त्र नक्सलवाद समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया था। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए छह महीने तक कमेटी ने आकलन किया।

उन्होंने कहा कि सुरक्षा पूरी तरह हटा देना भी उचित नहीं है। इसलिए सुरक्षा श्रेणियों में एक-एक ग्रेड की कटौती की गई है। Z+ श्रेणी को Z, Y+ को Y और Z श्रेणी को Y में बदला गया है। अगले छह महीने में फिर समीक्षा की जाएगी और जरूरत के मुताबिक सुरक्षा में एक और ग्रेड की कटौती की जा सकती है। आगे भी सुरक्षा का आकलन कर श्रेणी तय की जाएगी।

जानिए Z+, Z और Y श्रेणी की सुरक्षा में क्या है अंतर

1. Z+ श्रेणी की सुरक्षा: यह देश में उपलब्ध उच्चतम सुरक्षा श्रेणियों में से एक है। इसमें सुरक्षा आवश्यकता के अनुसार बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी, कमांडो और स्थानीय पुलिस के जवान तैनात किए जा सकते हैं। सुरक्षा घेरे में एस्कॉर्ट वाहन और अन्य सुरक्षा इंतजाम भी शामिल हो सकते हैं।

2. Z श्रेणी की सुरक्षा: इस श्रेणी में भी संबंधित व्यक्ति की सुरक्षा के लिए सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाती है। जवानों की संख्या और सुरक्षा के अन्य इंतजाम खतरे के आकलन तथा संबंधित व्यक्ति की सुरक्षा जरूरतों के आधार पर निर्धारित होते हैं।

3. Y श्रेणी की सुरक्षा: इस श्रेणी में Z की तुलना में कम सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाते हैं। सुरक्षा का स्तर संबंधित व्यक्ति को मिलने वाले खतरे के आकलन के अनुसार तय किया जाता है।

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सुरक्षा श्रेणी का निर्धारण: किसी नेता या व्यक्ति को कौन-सी सुरक्षा मिलेगी, यह उसकी व्यक्तिगत खतरे की आशंका और सुरक्षा एजेंसियों के आकलन के आधार पर तय किया जाता है। इसलिए अलग-अलग व्यक्तियों के सुरक्षा इंतजामों में अंतर हो सकता है।

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