इंदौर, 29 अक्टूबर। जरूरतमंदों को बेहतर नेत्र चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने और दृष्टिहीनता की रोकथाम के उद्देश्य से कार्यरत शंकरा आई फाउंडेशन इंडिया ने अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने पर इंदौर स्थित शंकरा आई सेंटर में गोल्डन जुबली समारोह आयोजित किया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए। वहीं, उपमुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेंद्र शुक्ला, इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव, सांसद शंकर लालवानी और संस्था के संस्थापक पद्मश्री डॉ. आर.वी. रमणी सहित कई गणमान्यजन मौजूद रहे।
1977 में हुई थी शुरुआत, अब 10 राज्यों तक पहुंची संस्था
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्चुअल संबोधन में संस्था की पांच दशकों की सेवा यात्रा की सराहना की। उन्होंने कहा कि वर्ष 1977 में तमिलनाडु के कोयंबटूर में डॉ. आर.वी. रमणी और डॉ. राधा रमणी ने जरूरतमंदों की सेवा के उद्देश्य से इस पहल की शुरुआत की थी। आज यह संस्था देश के 10 राज्यों तक अपनी सेवाओं का विस्तार कर चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक छोटी-सी पहल का व्यापक सेवा नेटवर्क में बदलना और पांच दशकों तक सेवा के संकल्प को लगातार निभाना उल्लेखनीय उपलब्धि है। संस्था ने नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में जरूरतमंदों तक सुविधाएं पहुंचाकर समाजसेवा की मिसाल पेश की है।

80 प्रतिशत जरूरतमंद मरीजों का मुफ्त इलाज
मुख्यमंत्री ने कहा कि शंकरा आई फाउंडेशन इंडिया की सबसे बड़ी विशेषता उसका सेवा आधारित चिकित्सा मॉडल है। इसके तहत लगभग 80 प्रतिशत जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क नेत्र चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, जबकि शेष 20 प्रतिशत मरीज उपचार के लिए भुगतान करते हैं।
उन्होंने संस्था के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी समाजसेवा और जनकल्याण के कार्यों के लिए निरंतर प्रेरित करते हैं। ऐसे प्रयास समाज के जरूरतमंद वर्गों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार प्राथमिकता
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार स्वास्थ्य और चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों, एंबुलेंस सेवाओं और ट्रॉमा सेंटरों की सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री ने शंकरा आई फाउंडेशन इंडिया को गोल्डन जुबली की बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि संस्था आने वाले वर्षों में भी इसी सेवा भावना के साथ जरूरतमंदों की मदद करती रहेगी।
5 लाख बच्चों की मुफ्त नेत्र जांच का लक्ष्य
समारोह में संस्था के संस्थापक पद्मश्री डॉ. आर.वी. रमणी ने नेत्र स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्था लंबे समय से नेत्र चिकित्सा और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में सक्रिय है।
इसी क्रम में ‘रेनबो स्क्रीनिंग प्रोग्राम’ के तहत पांच लाख बच्चों की निःशुल्क नेत्र जांच का लक्ष्य लेकर काम किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य बच्चों में दृष्टि संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान करना और उन्हें आवश्यक उपचार एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।
भविष्य में भी जरूरतमंदों तक पहुंचेंगी सेवाएं
शंकरा आई फाउंडेशन इंडिया की गोल्डन जुबली का आयोजन संस्था की पांच दशकों की उपलब्धियों और सामाजिक योगदान को याद करने का अवसर बना। साथ ही, यह कार्यक्रम नेत्र स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा बढ़ाने और अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक उपचार पहुंचाने के संकल्प को दोहराने का मंच भी बना।
संस्था की यह यात्रा बताती है कि सेवा, समर्पण और सामाजिक सहभागिता के माध्यम से स्वास्थ्य के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाए जा सकते हैं।
सौजन्य: शंकरा आई फाउंडेशन इंडिया, इंदौर


