29 Oct 2026, Thu

बिलासपुर में 25 हजार की रिश्वत का मामला: वीडियो वायरल होते ही भड़के अफसर, पटवारी ऋषिपुरी गोस्वामी निलंबित

बिलासपुर, 29 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में रिश्वत लेने के आरोप में जिला प्रशासन ने पटवारी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। शासकीय राजस्व कार्य के एवज में 25 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में कलेक्टर संजय अग्रवाल ने पटवारी ऋषिपुरी गोस्वामी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सोशल मीडिया पर रिश्वत के लेन-देन से संबंधित वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने मामले की जांच कराई थी। जांच प्रतिवेदन में आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए जाने पर निलंबन का आदेश जारी किया गया।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से सामने आया मामला

जानकारी के अनुसार, पटवारी ऋषिपुरी गोस्वामी पर शासकीय राजस्व कार्य के बदले 25 हजार रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगा था। इस कथित लेन-देन से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला जिला प्रशासन के संज्ञान में आया।

कलेक्टर संजय अग्रवाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के निर्देश दिए। तहसीलदार पचपेड़ी ने वायरल वीडियो और संबंधित आरोपों की जांच कर 28 अक्टूबर 2026 को जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। रिपोर्ट में पटवारी के खिलाफ लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए गए। इसके बाद कलेक्टर ने निलंबन की कार्रवाई की।

पचपेड़ी तहसील में पदस्थ थे पटवारी

प्रशासनिक जानकारी के मुताबिक, ऋषिपुरी गोस्वामी पहले पटवारी हल्का नंबर 14 में पदस्थ थे। वर्तमान में उनकी पदस्थापना तहसील पचपेड़ी के पटवारी हल्का नंबर 05 में थी।

शासकीय राजस्व कार्य के बदले रिश्वत लेने के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने संबंधित तथ्यों की जांच कराई। जांच प्रतिवेदन के आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। हालांकि, मामले में अंतिम निष्कर्ष विभागीय जांच और आगे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

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कलेक्टर ने माना गंभीर कदाचरण

कलेक्टर द्वारा जारी निलंबन आदेश में पटवारी के कथित कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियमों के विपरीत बताया गया है। प्रशासन ने इसे गंभीर कदाचरण मानते हुए शासन की छवि धूमिल करने वाला कृत्य बताया है।

आदेश के अनुसार, शासकीय कर्मचारियों से सेवा नियमों के अनुरूप आचरण की अपेक्षा की जाती है। जांच प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने पटवारी ऋषिपुरी गोस्वामी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया।

निलंबन अवधि में कोटा कार्यालय रहेगा मुख्यालय

निलंबन अवधि के दौरान पटवारी ऋषिपुरी गोस्वामी का मुख्यालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, कोटा कार्यालय निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। उन्हें निर्धारित मुख्यालय से संबंधित प्रशासनिक निर्देशों का पालन करना होगा।

सात दिनों के भीतर आरोप पत्र देने के निर्देश

कलेक्टर संजय अग्रवाल ने तहसीलदार पचपेड़ी को पटवारी ऋषिपुरी गोस्वामी के विरुद्ध आरोप पत्र तैयार कर सात दिनों के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

फिलहाल जिला प्रशासन ने आरोपों के आधार पर निलंबन की कार्रवाई की है। मामले में विभागीय जांच और नियमानुसार आगे की कार्रवाई के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी। प्रशासन ने शासकीय कार्यों में अनियमितता और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं।

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