रायपुर, 30 अक्टूबर।

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में फर्जी मैरिज ब्यूरो चलाकर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। सुपेला पुलिस ने शुक्रवार को एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार महिलाओं की फर्जी तस्वीरों के जरिए देश के कई राज्यों के लोगों को अपना शिकार बना रहा था।

पुलिस ने उत्तर गंगोत्री भवन स्थित यूनियन बैंक के पास संचालित इस फर्जी कॉल सेंटर से 2 लाख 83 हजार 600 रुपये की संपत्ति जब्त की है। इसमें 22 कीपैड मोबाइल, चार एंड्रॉयड मोबाइल, 16 सिम कार्ड, एक कंप्यूटर सिस्टम, इंटरनेट वाई-फाई राउटर, बैंक चेकबुक और 1 लाख 64 हजार रुपये नकद शामिल हैं।
इस मामले का मुख्य आरोपी 24 वर्षीय परमानंद यादव है। वह नंदिनी क्षेत्र के ओटेबंद गांव का निवासी है और वर्तमान में नेहरू नगर ईस्ट में रह रहा था। आरोपी पिछले करीब तीन महीने से फर्जी कॉल सेंटर संचालित कर रहा था।
पुलिस को 29 अक्टूबर 2026 को मिली सूचना के आधार पर सुपेला थाना प्रभारी निरीक्षक एस.एन. सिंह के नेतृत्व में टीम ने मौके पर छापेमारी की। यहां आरोपी के साथ चार युवतियां काम करती हुई मिलीं।
जांच में पता चला कि आरोपी फेसबुक और इंस्टाग्राम पर कल्याण मैट्रिमोनी, एलीट मैच मैट्रिमोनी और फ्यूचर पार्टनर के नाम से फर्जी वैवाहिक प्लेटफॉर्म का प्रचार करता था। इन प्लेटफॉर्म पर AI से बनाई गई ऐसी महिलाओं की तस्वीरें इस्तेमाल की जाती थीं, जिनका वास्तव में कोई अस्तित्व नहीं था। इसके साथ ही फर्जी मोबाइल नंबरों के जरिए शादी के इच्छुक युवकों को आकर्षित किया जाता था।
कॉल सेंटर में काम करने वाली चारों युवतियों ने पुलिस को बताया कि उन्हें 7 हजार रुपये मासिक वेतन पर नौकरी देने का झांसा देकर रखा गया था। दो दिन की ट्रेनिंग के बाद उन्हें मैरिज काउंसलर बनाकर फोन पर ग्राहकों से बातचीत करने की जिम्मेदारी दी गई। इस दौरान ग्राहकों से डिजिटल पेमेंट QR कोड के जरिए 2 हजार रुपये रजिस्ट्रेशन फीस जमा कराई जाती थी। रकम मिलते ही ग्राहकों के मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिए जाते थे।
पुलिस जांच में सामने आया कि इस कॉल सेंटर से रोजाना 20 से 50 लोगों को फोन किए जाते थे। गिरोह द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे कई बैंक खातों के खिलाफ केंद्र सरकार के समन्वय पोर्टल पर पहले से शिकायतें दर्ज थीं।
सुपेला पुलिस ने अपराध क्रमांक 1630/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(2) और 319(2) में मामला दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक खेलन साहू, नमिता टेकाम, मिथलेश साहू और संतोष निर्मलकर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से ऑनलाइन मैट्रिमोनियल सेवाओं की सत्यता जांचने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि किसी भी वैवाहिक वेबसाइट या प्लेटफॉर्म पर व्यक्तिगत दस्तावेज साझा करने अथवा रजिस्ट्रेशन फीस जमा करने से पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच जरूर करें। ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।


