31 Oct 2026, Sat

राष्ट्रीय एकता दिवस पर CM साय ने सरदार पटेल को किया याद: कहा- उनके साहस और दूरदर्शी नेतृत्व ने रखी मजबूत भारत की नींव

 

रायपुर, 31 अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज यहाँ सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास में भारत रत्न, लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती एवं राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री साय ने देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय एकीकरण में सरदार पटेल के ऐतिहासिक योगदान का स्मरण करते हुए उन्हें कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल भारतीय एकता और अखंडता के महान शिल्पकार थे। उन्होंने अपने अदम्य साहस, दृढ़ इच्छाशक्ति और कुशल नेतृत्व से स्वतंत्रता के बाद देश की सैकड़ों रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर एक सशक्त और अखंड भारत की नींव रखी। राष्ट्र निर्माण में उनका यह असाधारण योगदान भारतीय इतिहास में सदैव स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरदार पटेल का संपूर्ण जीवन राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और जनसेवा का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया और देश की एकता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनका व्यक्तित्व हमें सिखाता है कि दृढ़ संकल्प, सामूहिक प्रयास और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण से बड़ी से बड़ी चुनौतियों का समाधान किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरदार पटेल के एक भारत, श्रेष्ठ भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। आज देश विकास, सुशासन और आत्मनिर्भरता के नए आयाम स्थापित करते हुए विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर है। सरदार पटेल के विचार और आदर्श इस राष्ट्रीय संकल्प को और अधिक सशक्त बनाते हैं।

पढ़ें   शॉर्टकट के चक्कर में ड्राइवर की लापरवाही से 18 बच्चों से भरी स्कूल बस नहर में गिरी : ग्रामीणों ने बच्चों को सुरक्षित निकाला, ड्राइवर हिरासत में

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय एकता दिवस केवल सरदार पटेल के महान योगदान को स्मरण करने का अवसर नहीं है, बल्कि यह देश की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता को अक्षुण्ण बनाए रखने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराने का भी दिन है। भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है। विभिन्न भाषाओं, संस्कृतियों, परंपराओं और समुदायों को एकता के सूत्र में पिरोकर आगे बढ़ना ही सरदार पटेल के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे सरदार वल्लभभाई पटेल के आदर्शों को आत्मसात करते हुए राष्ट्र की एकता, अखंडता और समृद्धि के लिए अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि हम सभी को मिलकर एक सशक्त, समरस और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प लेना चाहिए, ताकि विकसित भारत के निर्माण में हमारा प्रदेश अग्रणी भूमिका निभा सके।

Share

 

 

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed