छत्तीसगढ़, 2 नवंबर। वेदांता एल्युमीनियम ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन करते हुए मुनाफे में दोगुने से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की है। कंपनी का कर पश्चात लाभ (PAT) पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 105 प्रतिशत बढ़कर 6,187 करोड़ रुपए पहुंच गया। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू 41 प्रतिशत बढ़कर 22,066 करोड़ रुपए रहा।
वेदांता एल्युमीनियम मेटल लिमिटेड ने 30 सितंबर 2026 को समाप्त दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी किए। इस दौरान कंपनी का EBITDA 83 प्रतिशत बढ़कर 10,192 करोड़ रुपए रहा। खास बात यह है कि एलएमई कीमतों में नरमी के बावजूद कंपनी ने लगातार दूसरी तिमाही में 10,000 करोड़ रुपए से अधिक का EBITDA दर्ज किया।

कंपनी ने इस तिमाही में अब तक का सबसे अधिक एल्युमीनियम उत्पादन भी किया। कुल उत्पादन 649 किलो टन (KT) रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 5 प्रतिशत और पिछली तिमाही से 3 प्रतिशत अधिक है। वहीं, वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स का उत्पादन 31 प्रतिशत बढ़कर 432 KT और एल्यूमिना उत्पादन 37 प्रतिशत बढ़कर 895 KT पर पहुंच गया।

वेदांता एल्युमीनियम के पूर्णकालिक निदेशक एवं सीईओ राजेश कुमार ने कहा कि कंपनी का प्रदर्शन उसे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और एकीकृत एल्युमीनियम कारोबार बनाने की दिशा में लगातार हो रही प्रगति को दर्शाता है। इस तिमाही में रिकॉर्ड एल्युमीनियम और एल्यूमिना उत्पादन हासिल किया गया। इसके अलावा बाल्को विस्तार के दूसरे जोन की शुरुआत और बॉक्साइट संसाधनों को सुरक्षित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
कंपनी के सीएफओ अनूप अग्रवाल ने कहा कि मजबूत बैलेंस शीट और विकास एवं एकीकरण परियोजनाओं में लगातार प्रगति के साथ कंपनी अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं को पूरा करने की स्थिति में है। बेहतर नकदी प्रबंधन और खर्चों पर नियंत्रण से कर्ज घटाने में भी मदद मिली है।
वित्तीय मोर्चे पर कंपनी ने पिछली तिमाही की तुलना में अपना शुद्ध ऋण 3,090 करोड़ रुपए कम किया है। इसके साथ ही शुद्ध ऋण और EBITDA का अनुपात 0.9 से घटकर 0.7 गुना हो गया है। कंपनी की वित्तीय स्थिति में सुधार को देखते हुए इंडिया रेटिंग्स ने उसकी क्रेडिट रेटिंग बढ़ाकर AA+ (स्थिर) कर दी है।
इस प्रदर्शन के साथ वेदांता एल्युमीनियम ने उत्पादन, कमाई और कर्ज प्रबंधन तीनों मोर्चों पर मजबूती दिखाई है।


