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CG में कलमबंद हड़ताल : 25 जुलाई से अनियमित कर्मचारी भी रहेंगे कलमबंद हड़ताल पर, नियमतिकरण की मांग सहित अन्य मांगों को लेकर आंदोलन

प्रमोद मिश्रा

रायपुर, 19 जुलाई 2022

छत्तीसगढ़ में लगभग 75 शासकीय अधिकारी-कर्मचारी संग़ठन 25 जुलाई से 29 जुलाई तक कलमबंद हड़ताल करने वाला है । अब अनियमित कर्मचारी संघ ने भी इसका समर्थन किया है और उनका संघ भी कलमबंद हड़ताल पर जाने वाला है ।  अनियमित कर्मचारी 25 से 29 जुलाई को सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। गोपाल प्रसाद साहू प्रांतीय संयोजक ने बताया कि छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन द्वारा महगाई भत्ता, गृह भाड़ा तथा कांग्रेस पार्टी के जन घोषणा पत्र के बिंदु क्रमांक 11 एवं 30 में किये गए वादे के अनुरूप अनियमित, संविदा एवं दैनिक वेतनभोगी के नियमितीकरण एवं किसी भी अनियमित कर्मचारी की छटनी नहीं करने तथा आउट सोर्सिंग बंद करने की मांग के समर्थन में 25 से 29 जुलाई 2022 तक घोषित आन्दोलन कालम बंद-काम बंद हड़ताल में शामिल होंगें । रवि गडपाले प्रांतीय अध्यक्ष कहा कि प्रदेश के लाखों अनियमित कर्मचारियों को नियमित करने एवं छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के 2 सूत्रीय मांग के समर्थन में छत्तीसगढ़ संयुक्त अनियमित कर्मचारी महासंघ, कमल वर्मा प्रांतीय संयोजक, छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन द्वारा आयोजित में आन्दोलन तथा निर्धारित कार्यक्रम यथा 25 से 28 जुलाई जिला/ब्लाक/तहसील में धरना प्रदर्शन, 29 जुलाई को जिला मुख्यालय में धरना-प्रदर्शन, महारैली एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देने में अपनी सहभागिता प्रमुखता से निभाएगा|

 

भगवती शर्मा तिवारी, रीना दिल्लू, अजित नाविक, सूरज सिंह ठाकुर प्रांतीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं संजय सोनी संगठन मंत्री, धर्मेन्द्र वैष्णव, तारकेश्वर साहू मिडिया प्रबंधक छत्तीसगढ़ संयुक्त अनियमित कर्मचारी महासंघ ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का 10 दिन में नियमितीकरण का वादा जो साढ़े 3 साल में भी पूरा नहीं हुआ। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का वादा था कि 1 साल बाद नियमितीकरण करेंगे, जो आज तक पूरा नहीं हुआ। पिछले 3 साल में नियमितीकरण के लिए गठित कमेटी की रिपोर्ट पूरी नहीं हुई है। पिछले 3 साल में सरकार कर्मचारियों का डाटा इकट्ठा नहीं कर पाई है। पिछले तीन विधानसभा सत्र में मुख्यमंत्री द्वारा नियमितीकरण की बात स्वीकार की गई लेकिन वादा आज भी अधूरा है। आउटसोर्सिंग बंद नहीं हुआ। कर्मचारियों को मिलने वाला वेतन वृद्धि रोक दिया गया है। घोषणा पत्र में छटनी नहीं करने का वादा था लेकिन कई विभागों से छटनियां कर दी गई है। इससे अनियमित कर्मचारियों में भारी आक्रोश है ।

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