प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 05 फरवरी 2023

अपने चर्चित बयानों के कारण सुर्खियों में रहने वाले कैबिनेट मंत्री कवासी लखमा एक बार फिर से चर्चा में हैं । दरअसल, छत्तीसगढ़ के दिग्गज आदिवासी नेता और आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने कहा है कि आदिवासी हिंदू नहीं हैं। हम आदिकाल से इस धरती पर रह रहे लोग हैं। हमारे पूजा-पाठ और विवाह का तरीका हिंदुओं से अलग है। मंत्री कवासी लखमा ने यह भी कहा, आदिवासी को वनवासी कहा जाना गलत है। अगर कोई वनवासी बोलता है तो उसे गांव में न घुसने दें।
आपको बता दे कि रायपुर सर्किट हाउस में प्रेस से बात करते हुए आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने कहा, हम लोग आदिकाल से जंगल में रहने वाले लोग हैं। हम लोग जंगल में रहते हैं। पूजा-पाठ करते हैं। हिंदू अलग करता है, हम अलग करते हैं। आदिवासी अगर शादी करता है तो गांव के पुजारी से पानी डलवाते हैं। हम किसी पंडित से पूजा नहीं कराते हैं। इसलिए हम लोग हिंदू से अलग हैं। हम जंगल में रहने वाले आदिवासी हैं। बिरसा मुंडा हो, वीर नारायण सिंह हों चाहे हमारे गुंडाधुर हों इस लड़ाई में भी ये लोग अलग रखे हैं।
मंत्री के इस बयान पर बीजेपी के नेता और राजनांदगांव से विधायक संतोष पांडे ने लखमा के बयान को अंतर्राष्ट्रीय साजिश करार दिया है । संतोष पांडे ने कहा कि यह एक सोची समझी साजिश है, जिसके तहत आदिवासियों को अलग करने की साजिश है ।





