8 Mar 2026, Sun

रामलला प्राण प्रतिष्ठा: आज से शुरू होगा 7 दिवसीय प्राण-प्रतिष्‍ठा अनुष्‍ठान, 22 जनवरी को विराजेंगे प्रभु राम

प्रमोद मिश्रा

धर्म विशेष |प्रभु राम के भक्‍तों इंतजार खत्‍म हुआ और आखिरकार अयोध्‍या में बने राम मंदिर में रामलला की मूर्ति विराजित करने की धार्मिक प्रक्रिया 16 जनवरी 2024 से शुरू हो जाएगी. 22 जनवरी को रामलला के विग्रह की गर्भगृह में प्राण प्रतिष्‍ठा के साथ 7 दिन का अनुष्‍ठान संपन्‍न होगा. लेकिन रामलला के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा करने से पहले उसकी विधिवत पूजा अर्चना की जाएगी. 7 दिन तक उसके विभिन्‍न अनुष्‍ठान होंगे. इस दौरान कब क्‍या होगा इसका पूरा विवरण मंदिर ट्रस्‍ट द्वारा जारी कर दिया गया है.

16 जनवरी से शुरू हो रहे अनुष्‍ठान में रामलला के विग्रह के अधिवास अनुष्‍ठान होंगे. इसके बाद गर्भगृह में रामलला के विग्रह का प्रवेश, गणेश पूजन, यज्ञ कुंड की स्‍थापना, गर्भगृह का पवित्रीकरण, प्रभु का शैय्या अधिवास और फिर विग्रह की सिंहासन पर स्‍थापना की जाएगी.


इस तरह प्रभु राम के विग्रह की जीवन कारक द्रव्यों के अलावा शैय्या अधिवास की विशेष योजना है. इस प्रक्रिया में रामलला को शीशम के नवनिर्मित पलंग पर शयन कराया जाएगा. इसके लिए विशेष गद्दा, रजाई, चादर व तकिया आदि भी तैयार किए गए हैं. प्रभु का शैय्या अधिवास 21 जनवरी को रात्रि में होगा. रामलला के आसन का भी विशेष पूजन किया जाएगा.

आचार्य कराएंगे अनुष्‍ठान


राम मंदिर में प्राण प्रतिष्‍ठा के अनुष्‍ठानों को विद्वान आचार्य संपन्‍न कराएंगे. इसमें आचार्य गणेश्वर शास्त्री द्राविड़, प्रमुख आचार्य लक्ष्मीकांत दीक्षित, अरुण दीक्षित, सुनील दीक्षित, दत्तात्रेय नारायण रटाटे, गजानन जोतकर, अनुपम दीक्षित शामिल हैं.


प्राण प्रतिष्ठा का शेड्यूल


श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने बताया कि प्राण प्रतिष्‍ठा कार्यक्रम की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. 22 जनवरी को कूर्म द्वादशी के दिन दोपहर 12 बजकर 29 मिनट 8 सेकंड से 12 बजकर 30 मिनट 32 सेकंड के बीच मृगशिरा नक्षत्र में मूर्ति की प्राण प्रतिष्‍ठा होगी. काली शिला से बनी रामलला की मूर्ति 51 इंच लंबी है. जिसका वजन करीब डेढ़ सौ से दो सौ किलो के बीच है. यह मूर्ति प्रभु राम के 5 वर्षीय बालक रूप की है, जिसमें वे धनुष-बाण से सुसज्जित हैं.

16 जनवरी 2024 – पूजन प्रक्रिया प्रारंभ होगी
17 जनवरी 2024 – गर्भगृह का शुद्धिकरण
18 जनवरी 2024 – रामलला की मूर्ति गर्भगृह में आसन पर खड़ी की जाएगी. साथ ही अधिवास प्रारंभ होंगे. प्राण प्रतिष्‍ठा से पहले विग्रह का अन्‍न, जल, थल, औषधि, घी आदि में निवास कराया जाता है. इसे ही अधिवास कहा जाता है.
19 जनवरी 2024 – फल अधिवास और धान्य अधिवास होगा.
20 जनवरी 2024 – सुबह पुष्प और रत्न व शाम को घृत अधिवास होगा.
21 जनवरी 2024 – सुबह शर्करा, मिष्ठान और मधु अधिवास व औषधि और रात को शैय्या अधिवास होगा.
22 जनवरी 2024 – मध्य दिवस में रामलला के विग्रह की आंखों से पट्टी हटायी जाएगी और उन्हें दर्पण दिखाया जाएगा.

Share
पढ़ें   मुख्यमंत्री शामिल हुए विशुद्ध वर्षायोग कार्यक्रम में : CM भूपेश बोले : "देश और दुनिया को आज भगवान महावीर के विचारों और सिद्धांतों सबसे ज्यादा जरूरत"

 

 

 

 

 

By Desk

Media24 News is an online news portal based in Raipur, Chhattisgarh, India. It publishes local and regional news, covering a wide range of topics including politics, crime, social issues, development, events, and community stories from across Chhattisgarh. The website provides regularly updated news content in Hindi, aimed at informing the public with timely and relevant reports from the state’s districts and cities like Raipur, Durg, Mahasamund and others. This newsroom focuses on grassroots journalism and regional happenings, serving audiences who want updates about local governance, public affairs, social developments, and community issues specific to Chhattisgarh. The platform is designed to meet the news needs of its readers with frequent headlines and local reporting, helping citizens stay informed about events and issues close to their daily lives.

You Missed